आतंकियों और आतंकी समूहों पर कार्रवाई करने को लेकर एक बार फिर से पाकिस्तान पर दबाव बढ़ गया है। भारत-अमरीका ने एक साझा बयान में पाकिस्तान से आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। यूएस-इंडिया काउंटर टेररिज्म ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप और पद संवाद के दौरान दोनों देशों ने आतंक के खिलाफ लड़ाई पर प्रतिबद्धता जताई।
वाशिंगटन। आतंकवाद के मामले में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के भारत की कोशिशों को बल मिला है। दरअसल यूएस-इंडिया काउंटर टेररिज्म ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप और पद संवाद के दौरान भारत और अमरीका ने एक साझा बयान जारी करते हुए पाकिस्तान से आग्रह किया है कि आतंकवादी और अपनी धरती से संचालित होने वाले आतंकी समूहों के खिलाफ सार्थक और अपरिवर्तनीय कार्रवाई करें। बता दें कि शनिवार (29 मार्च) को यूएस-इंडिया काउंटर टेररिज्म ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप संवाद के दूसरे सेशन के दौरान भारत और अमरीका के अधिकारियों ने बातचीत करते हुए ये बायन जारी किया है। इस सेशन के दौरान दोनों देशों ने अपने-अपने विचार साझा किए जिसमें दक्षिण एशिया में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के साथ-साथ क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद का मुद्दा भी शामिल था। दोनों देशों की तरफ से इस बात को रेखांकित किया गया कि पाकिस्तान को आतंकवादी और आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। बातचीत के दौरान सूचनाओं के आदान-प्रदान पर भी चर्चा की गई।
अमरीका ने भारत का किया स्वागत
बता दें कि साझा बयान के मुताबिक अमरीका ने आतंकवादियों के वित्त पोषण के खिलाफ भारत की कार्रवाई के प्रयासों का स्वागत किया है। साथ ही साथ दोनों तरफ से अपने प्राथमिकता के आधार पर सूचनाओं के प्रसार और आतंकी संगठनों या व्यक्तिगत पदों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने के प्रयासों की भी सराहना ही। मालूम हो कि भारत ने आतंकी गतिविधियों में लिप्त कुछ संगठनों और हुरियत नेताओं के खिालफ सख्त कार्रवाई की है। गौरतलब है कि अमरीका, रूस और फ्रांस ने मिलकर जैश-ए-मोहम्मद को अतंर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित कराने को लेकर यूएन सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव लाया था लेकिन चीन ने वीटो कर उस प्रस्ताव को गिरा दिया। अब एक बार फिर से अमरीका दूसरे रास्ते से जैश को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित कराने के लिए तैयारी की है।
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