
नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई। विदेश मंत्री जब पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेर रही थी उस दौरान यूएन महासभा का पूरा हाल तालियों की गड़गड़ता से गूंज रहा था। विदेश मंत्री के भाषण की खास बात यह थी कि उन्होंने अपना पूरा भाषण हिंदी में दिया।
पाकिस्तान पैदा कर रहा आतंकवादी
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने भाषण में कहा कि पूरी दुनिया गरीबी से लड़ रही है लेकिन हमारा पड़ोसी पाकिस्तान हमसे लड़ रहा है। भारत की पहचान दुनिया में एक आईटी मुल्क की तरह होने लगी है जबकि पाकिस्तान की पहचान एक आतंकवादी देश के रूप में है। उन्होंने कहा कि हम अपने देश में डॉक्टर, इंजीनियर पैदा कर रहे हैं, वहीं इससे उलट पाकिस्तान आज भी आतंकवादी पैदा करने में लगा हुआ है। उन्होंने पाक को नसीहत देते हुए कहा कि जब पाकिस्तान की सरकार अपना पैसा आतंकवाद की जगह आवाम की भलाई में खर्च करेगी, तब जाकर पाकिस्तान की तरक्की होगी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पाकिस्तान की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया लेकिन कहानी बदरंग किसने की ये आप बताएं। विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद को अलग-अलग नजरिए से देखना बंद करें। आतंकवाद पूरी मानव जाति के लिए बड़ खतरा है। जिसके खिलाफ हमें मिलकर लड़ना होगा।
पीएम मोदी की योजनाओं की तारीफ की
वहीं दूसरी ओर अपने भाषण के शुरुआत में ही विदेश मंत्री ने मोदी सरकार की योजनाओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिनती अमरीका की आबादी है, उतनी संख्या को हमने जनधन योजना से जोड़ा है। गरीब महिलाओं को खाना बनाने में तकलीफ न हो इसके लिए हमारी सरकार ने उज्जवला योजना को लागू किया। इस योजना के तहत हर गरीब परिवार तक एलपीजी सिलेंडर पहुंचाया गया।
पीएम मोदी ने की विदेश मंत्री की तारीफ
वहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का भाषण खत्म होते ही पीएम मोदी ने ट्वीट कर उनकी तारीफ की। उन्होंने लिखा कि विदेश मंत्री ने विश्व में भारत का मान बढ़ाया है।
भाषण से पहले भी पाक को घेरा
वहीं दूसरी ओर भाषण से पहले ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को सार्क देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। इसके बाद शनिवार को सार्क देशों ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के साथ खड़े होने का वादा किया। उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल भी सार्क सम्मेलन नहीं हो पाएगा। आपको बता दें कि पिछले साल 2016 में पाकिस्तान को सार्क सम्मेलन की मेजबानी करनी थी, लेकिन आतंकवाद के मुद्दे के चलते भारत ने इस सम्मेलन में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। भारत के इनकार के बाद बांग्लादेश, अफगानिस्तान समेत अन्य देशों ने भी सम्मेलन में शामिल होने से मना कर दिया था। जिसके बाद सार्क सम्मेलन को रद्द करना पड़ा था।
पाक विदेश मंत्री से की औपचारिक मुलाकात
यूएन में अपने भाषण से पहले शुक्रवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ से औपचारिक मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने एक दूसरे का हालचाल पूछा था।
एक हफ्ते से अमरीका के दौरे पर हैं विदेश मंत्री
गौरतलब है कि पिछले रविवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज न्यूयॉर्क पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने कई देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर अहम मुद्दों पर चर्चा की। वहीं अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन के साथ उन्होंने बैठक करके आतंकवाद और एच-1 बी वीजा का मुद्दा उठाया। इस दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने आर्थिक क्षेत्र को मजबूत करने पर सहमति जताई। वहीं शुक्रवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपना ज्यादातर वक्त अपने भाषण को अंतिम रूप देने में बिताया।