
वाशिंगटन। अमरीका में प्रवासियों के बच्चों को उनके मां-बाप से अलग करने की नीति के मामले में एक सर्वेक्षण किया गया। इसमें खुलासा हुआ है कि ट्रंप प्रशासन के इस विवादित नीति के विरोध में 66 फीसदी अमरीकी मतदाताओं ने वोट किया है। क्विनिपियाक यूनिवर्सिटी की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में इन आंकड़ों का खुलासा हुआ है।
91 फीसदी डेमोक्रेटिक मतदाताओं ने इसका विरोध किया
इस संबंंध में एक समाचार एजेंसी की छपी रिपोर्ट के मुताबिक, इस पोल में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन मतदाताओं ने भाग लिया था। जिनमें से 91 फीसदी डेमोक्रेटिक मतदाताओं ने जबकि 35 फीसदी रिपब्लिकन मतदाताओं ने इस नीति का विरोध किया है। जिसका मतलब है कि ट्रंप प्रशासन के इस नियम को सिर्फ सात फीसदी डेमोक्रेट ने का समर्थन मिला है, जबकि 55 फीसदी रिपब्लिकन के मुताबिक भी ये नीति सही है।
सर्वेक्षण के आंकड़ों से बढ़ेगा नीति बदलने पर दबाव
उम्मीद जताई जा रही है कि इस सर्वेक्षण के आंकड़ों से मेक्सिको सीमा पर बच्चों को परिजनों से अलग करने की नीति पर दबाव बढ़ेगा। वहीं इस बात पर भी गौर किया जा रहा है कि कुछ रिपब्लिकन इस नीति की निंदा करने के लिए डेमोक्रेट्स के साथ आगे आए हैं। इस सर्वेक्षण में शामिल आधे मतदाताओं का कहना है कि ट्रंप प्रशासन अवैध आव्रजकों को डिपोर्ट करने को लेकर जरूरत से अधिक आक्रामक रुख अपना रहा है। वहीं, 13 फीसदी मतदाताओं का मानना है कि व्हाइट हाउस इस नीति को लेकर आक्रामक नहीं है जबकि 33 फीसदी मानते हैं कि ट्रंप प्रशासन उपयुक्त तरीके से काम कर रहा है।
2,000 बच्चों को किया जा चुका है अलग
हाल ही में इस संबंध में डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने एक रिपोर्ट जारी की थी। उस रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल और मई 2018 के दौरान अवैध तरीके से अमरिकी सीमा पार करने वाले लगभग 2,000 बच्चों को उनके माता-पिता से अलग कर दिया गया। हॉफमैन के मुताबिक, अवैध तरीके से सीमा पार करनेवाले प्रवासियों पर संघीय अपराधों में मामला दर्ज किया जाता है। सरकार माता-पिता पर आपराधिक न्याय प्रणाली के तहत मामला दर्ज कर रही है, जबकि बच्चों को इस प्रक्रिया से अलग रखा जाता है।
मेलानिया ट्रंप ने भी उठाई थी इसके खिलाफ आवाज
गौरतलब है कि इस नीति के खिलाफ वहां की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने भी आवाज उठाई है। मेलानिया की प्रवक्ता स्टेफनी ग्रिशम ने रविवार रात जारी बयान में कहा, 'मेलानिया ट्रंप ने कहा कि वह बच्चों को अपने परिवारों से अलग होते देखना पसंद नहीं करती और उन्हें उम्मीद है कि सदन में दोनों पक्ष (डेमोक्रेट और रिपब्लिकन) एकजुट होकर आव्रजन कानून में सुधार करें।' बयान में ये भी कहा गया कि मेलानिया मानती हैं कि हमें ऐसा देश बनने की जरूरत है जो सभी कानूनों का पालन करे लेकिन साथ में एक ऐसा देश भी बनना होगा, जो दिल से काम करे।