
Iran war पर अमेरिका के 47 अरब डॉलर खर्च (फोटो - सांकेतिक तस्वीर/चैटजीपीटी)
US Iran war cost: ईरान युद्ध पर अमेरिकी सेना का कुल खर्च 47 अरब डॉलर (लगभग 3.9 लाख करोड़ रुपये) को पार कर गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा जुलाई 2026 में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ द्वारा अमेरिकी सीनेट को दिए गए 37.5 अरब डॉलर के अनुमान से 25 प्रतिशत से अधिक है। 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से ठीक पहले सामने आए इन आंकड़ों ने वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
रॉयटर्स के अनुसार, 16 अक्टूबर को CENTCOM द्वारा तैयार की गई और अमेरिकी कांग्रेस के साथ साझा की गई एक गोपनीय रिपोर्ट में बताया गया है कि युद्ध के कुल खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा हथियारों और गोला-बारूद की भरपाई का है। ईरान और उसके प्रॉक्सी समूहों के खिलाफ दागी गई मिसाइलों, इंटरसेप्टर और स्मार्ट बमों की भरपाई के लिए ही 29 अरब डॉलर (लगभग 2.4 लाख करोड़ रुपये) की जरूरत है। इसके अलावा, जंग के दौरान नष्ट हुए अमेरिकी सैन्य उपकरणों की भरपाई के लिए 6.1 अरब डॉलर अलग रखे गए हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि मिलिट्री एक्टिविटी के डायरेक्ट ऑपरेशनल खर्च के लिए लगभग 12 बिलियन डॉलर दिए गए हैं। इसके अलावा, अमेरिकी वायु सेना के कर्मियों को सहायता देने, एयरलिफ्ट करने, फॉरवर्ड मिलिट्री बेस का प्रबंधन करने, सुरक्षित संचार प्रणालियों को बनाए रखने और युद्ध क्षेत्र के भीतर लॉजिस्टिक्स व परिवहन संभालने पर 7.6 अरब डॉलर खर्च किए गए हैं।
रिपोर्ट में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि 47 अरब डॉलर के इस बजट में अभी उन खर्चों को शामिल नहीं किया गया है, जो मध्य पूर्व में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हुए भारी नुकसान की मरम्मत के लिए आवश्यक होंगे, इसका मतलब यह है कि वास्तविक वित्तीय बोझ काफी अधिक हो सकता है।
'द हिल' की एक रिपोर्ट के अनुसार, मई और जुलाई के बाद से इस संघर्ष की लागत लगातार बढ़ रही है। सितंबर की शुरुआत में पेंटागन ने खर्च का अनुमान 43.6 अरब डॉलर लगाया था, लेकिन अकेले पिछले महीने में ही यह आंकड़ा 3 अरब डॉलर से अधिक बढ़ गया है। वित्तीय रेटिंग एजेंसी 'मूडीज एनालिटिक्स' का कहना है कि फरवरी में शुरू हुआ यह संघर्ष वैश्विक ऊर्जा और तेल की कीमतों में भारी उछाल का कारण बना है। इस वजह से अब हर अमेरिकी परिवार पर औसतन 2,000 डॉलर का अप्रत्यक्ष आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
'द हिल' के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई अभियान चलाने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। अगर व्हाइट हाउस से हरी झंडी मिल जाती है, तो सेंटकॉम ने ऑपरेशनों के दूसरे चरण के लिए पहले ही एक योजना तैयार कर ली है, जिसमें ईरान के भीतर महत्वपूर्ण रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। इस बीच, टेक्सास के कॉर्पस क्रिस्टी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रही है और यह संघर्ष बहुत जल्द खत्म हो जाएगा।
Updated on:
28 Oct 2026, 8:00 AM IST
Published on:
28 Oct 2026, 8:00 AM IST
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