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ईरान युद्ध से खाली हो रहा अमेरिका का हथियार भंडार, पेंटागन के बजट में 400 अरब डॉलर की कटौती की तैयारी

US Defence Budget: ईरान युद्ध में भारी सैन्य खर्च और हथियारों के इस्तेमाल के बीच पेंटागन अमेरिकी रक्षा बजट में संभावित कटौती की तैयारी कर रहा है। पॉलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के 1.5 ट्रिलियन डॉलर के प्रस्ताव के बजाय 1.1 ट्रिलियन डॉलर के बजट पर विचार हो रहा है।
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भारत

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Anand Shekhar

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Updated: 30 Oct 2026, 6:42 AM IST

Pentagon Defence Budget

पेंटागन (फोटो- विकिपीडिया)

Pentagon Defence Budget: ईरान के साथ जंग में हथियारों के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के बीच पेंटागन अपने रक्षा बजट में संभावित कटौती को ध्यान में रखकर तैयारी कर रहा है। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान पोलिटिको की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट में लगभग 400 बिलियन डॉलर की भारी कटौती करने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट में रक्षा उद्योग से जुड़े एक अधिकारी और इस चर्चा से परिचित तीन अन्य लोगों के हवाले से बताया गया है कि कांग्रेस में बढ़ते विरोध को देखते हुए पेंटागन और कांग्रेस की खर्च संबंधी समितियां अब 1.1 ट्रिलियन डॉलर के बजट के आधार पर योजनाएं तैयार कर रही हैं।

हथियारों की खरीद और रक्षा कार्यक्रमों पर असर

पोलिटिको के अनुसार, रक्षा बजट में यह बड़ी कटौती अमेरिकी सेना के आधुनिकीकरण और नए रक्षा उपकरणों की खरीद को पटरी से उतार सकती है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कम बजट के कारण नए सैन्य कार्यक्रमों की शुरुआत में देरी होगी। सबसे अहम बात यह है कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान खत्म हुए जरूरी हथियारों और मिसाइलों के भंडार को तेजी से फिर से भरने की कोशिशें धीमी पड़ जाएंगी। बजट में इस कटौती के कारण, रक्षा कंपनियों के लिए उन्नत रक्षा प्रणालियों और गोला-बारूद का उत्पादन बढ़ाना बेहद मुश्किल हो जाएगा, जिनकी अमेरिकी सेना में अभी कमी है।

ईरान संघर्ष में भारी नुकसान, केवल गोला-बारूद पर ही 29 अरब डॉलर खर्च

पेंटागन के अनुमानों का हवाला देते हुए पोलिटिको की रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान के साथ चल रहे सैन्य टकराव में अमेरिकी सेना का खर्च कम से कम 47 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसमें से लगभग 29 अरब डॉलर केवल गोला-बारूद, मिसाइलों और सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों पर खर्च हुए, जिनका इस्तेमाल युद्ध अभियानों के दौरान किया गया था।

रिपब्लिकन पार्टी के भीतर ट्रंप के प्रस्ताव का विरोध

अमेरिकी प्रशासन ने शुरुआत में रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाली कांग्रेस के जरिए सेना के लिए अतिरिक्त फंड जुटाने की पुरजोर कोशिश की थी। हालांकि, रक्षा खर्च बढ़ाने और देश के बढ़ते फिस्कल डेफिसिट को लेकर रिपब्लिकन सांसदों और नेताओं के बीच मतभेद सामने आए हैं। पार्टी के भीतर चल रहे इस आंतरिक कलह ने ट्रंप के 1.5 ट्रिलियन डॉलर के भारी-भरकम रक्षा बजट प्रस्ताव के पारित होने की संभावना पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस राजनीतिक गतिरोध और विरोध को देखते हुए पेंटागन के अधिकारी अब 1.1 ट्रिलियन डॉलर के संशोधित बजट ढांचे पर काम कर रहे हैं।