
अमेरिका के इस बड़े जनरल ने पत्रकारों को बताए युद्ध के खुफिया राज (फोटो सोर्स-@nedabahram)
Brett Sylvia Leak Case:अमेरिका में गोपनीय सैन्य जानकारी लीक करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को गंभीर कदाचार के आरोप में पद से हटा दिया है। एक आंतरिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, सिल्विया करीब एक साल तक ईरान और यूक्रेन युद्ध से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां दो अलग-अलग मीडिया संस्थानों के पत्रकारों के साथ साझा करते रहे। जांच के दौरान वह तीन पॉलीग्राफ टेस्ट में भी असफल रहे। इतना ही नहीं, पत्रकारों के साथ बातचीत के सिग्नल मैसेज डिलीट करने को लेकर भी उन पर सवाल उठे हैं। मामले की जांच अब अमेरिकी न्याय विभाग तक पहुंच गई है।
Axios की एक जांच रिपोर्ट के अनुसार, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के स्ट्रैटेजी, प्लान्स एंड पॉलिसी डायरेक्टरेट (J5) के प्रमुख रहे लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया पिछले करीब एक साल से पत्रकारों को गुप्त जानकारियां दे रहे थे। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कई दौर के पॉलीग्राफ (Lie Detector) टेस्ट में फेल होने के बाद जनरल सिल्विया ने वीडियो पर खुद यह मान लिया कि उन्होंने दो अलग-अलग मीडिया घरानों के पत्रकारों को खुफिया बातें बताई थी। इसके बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के आदेश पर उन्हें उनके पद से तुरंत हटा दिया गया। अब इस पूरे मामले की फाइल न्याय विभाग को सौंप दी गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
जांच में सामने आया है कि जनरल ब्रेट सिल्विया ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए पत्रकारों के साथ गोपनीय जानकारियां साझा कीं। आरोप है कि उन्होंने बातचीत के लिए सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, वर्जीनिया के आर्लिंगटन स्थित सिल्वर डाइनर में एक पत्रकार से गुप्त मुलाकात भी की थी। खास बात यह है कि उस पत्रकार की पेंटागन तक पहुंच पहले ही रद्द की जा चुकी थी।
रिपोर्ट के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान सिल्विया ने एक गोपनीय रिपोर्ट की समीक्षा करते समय बनाए गए नोट्स के आधार पर अमेरिका की ओर से यूक्रेन को दी जा रही सहायता से जुड़ी जानकारियां मौखिक रूप से साझा की। यह पत्रकार एक किताब पर काम कर रहा था और सिल्विया से उसकी दो बार मुलाकात हुई थी। इन मुलाकातों के लिए न तो पेंटागन के जनसंपर्क कार्यालय से अनुमति ली गई और न ही गोपनीय जानकारी साझा करने की मंजूरी मांगी गई।
जांच के दौरान सिल्विया ने बताया कि जून या जुलाई में उन्हें सिग्नल ऐप पर ईरान से जुड़ा एक मैसेज मिला था। उनका दावा है कि उन्हें लगा कि गलती से पूरी चैट डिलीट हो गई है, इसलिए उन्होंने बाकी मैसेज और कॉल भी हटा दिए। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों को शक है कि उन्होंने जानबूझकर सबूत मिटाने के लिए ऐसा किया था। वहीं, अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, जनरल सिल्विया तीन अलग-अलग पॉलीग्राफ टेस्ट में असफल रहे थे। रक्षा अधिकारियों ने आरोप लगाया कि उनकी इस हरकत से देश की राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी।
इस मामले के सामने आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि जनरल सिल्विया के साथ 'बड़ी समस्याएं' थीं। उन्होंने साफ कहा कि उनका प्रशासन गोपनीय जानकारी लीक करने वालों की तलाश में पूरी ताकत से जुटा हुआ है। वहीं, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी पेंटागन में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्ती बढ़ा चुके हैं। पिछले कुछ महीनों में पत्रकारों की पेंटागन तक पहुंच पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसके अलावा, गोपनीय जानकारी लीक करने वालों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज करने के लिए न्याय विभाग के साथ एक संयुक्त टास्क फोर्स भी बनाई गई है।
Updated on:
30 Oct 2026, 9:30 AM IST
Published on:
30 Oct 2026, 9:13 AM IST
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