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अमरीकाः ग्रीन कार्ड मांगने वाले प्रवासियों की गिरफ्तारी पर रोक संभव, कोर्ट ने दिए संकेत

अमरीका में ग्रीन कार्ड मांगने वाले प्रवासियों को कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा है कि ग्रीन कार्ड मांगने वाले की गिरफ्तारी पर रोक लगाई जा सकती है।

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अमरीकाः ग्रीन कार्ड मांगने वाले प्रवासियों की गिरफ्तारी पर रोक संभव, कोर्ट ने दिए संकेत

वाशिंगटन। अमरीका के एक संघीय न्यायाधीश डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी द्वारा उन गैर-दस्तावेजी प्रवासी को गिरफ्तार करने पर जल्द से जल्द रोक लगा सकते हैं, जो ग्रीन कार्ड के आवेदन के सिलसिले में सरकारी कार्यालयों में साक्षात्कार के लिए पहुंच रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमरीका के जिला न्यायाधीश मार्क वॉल्फ ने उन लोगों के बयान सुने, जिन्हें अचानक गिरफ्तार कर लिया गया। यह वह व्यक्ति थे, जो अमरीकी नागरिकों के साथ अपने विवाह को वैध साबित करने की प्रक्रिया के आवेदन के हिस्से के रूप में विवाह साक्षात्कार के लिए यहां पहुंचे थे।
मुकदमे में पांच दंपतियों के नाम
मामले में सबूतों के तौर पर रखे गए ई-मेल दिखाते हैं कि अमरीकी नागिरकता और प्रवासी सेवा कर्मचारियों, प्रवासी और कस्टम निदेशालय (आईसीई) कर्मचारियों के बीच साक्षात्कार और गिरफ्तारी में समन्वय का प्रयास किया गया था। मुकदमे में पांच दंपतियों के नाम हैं, जिसमें प्रत्येक जोड़े में एक गैर-दस्तावेजी प्रवासी शामिल हैं, जिसने एक अमरीकी नागरिक से शादी की है। अमरीकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (एसीएलयू) के अटॉर्नी का कहना है कि न्यू इंगलैंड इलाके में ऐसे बहुत से दंपति हैं, जो इसी तरह के हालात का सामना कर रहे हैं।
विवादित है ट्रंप की 'जीरो टॉलरेंस' नीति
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'जीरो टॉलरेंस' (प्रवासी) नीति की अमरीका में विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने आलोचना की है। यह मामला कोर्ट में गया हुआ है। अमरीका के एक संघीय न्यायाधीश ने डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स प्रोग्राम (डीएसीए) को पूर्ण रूप से बहाल करने का अपना आदेश बरकरार रखा है और ऐसा करने हेतु राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के लिए 20 दिनों की समयसीमा तय की है। यह कार्यक्रम अवैध रूप से रह रहे युवा प्रवासियों को सुरक्षा प्रदान करता है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, वाशिंगटन डी.सी. जिला न्यायाधीश जॉन बेट्स ने कहा कि ट्रंप प्रशासन डीएसीए को समाप्त करने के अपने प्रस्ताव को न्यायसंगत ठहराने में विफल रहा। ओबामा शासनकाल के दौरान इस कार्यक्रम से अवैध रूप से अमरीका आए लगभग आठ लाख युवाओं (बचपन में आए) को उनके देश भेजने से सुरक्षा प्रदान कराता है।

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Published on:
23 Aug 2018 09:59 pm
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