अमरीकी क्रांति ने न केवल ब्रिटेन की सरकार को वहां से भागने पर मजबूर कर दिया बल्कि दुनिया के अऩ्य देशों को आजादी के लिए प्रेरित भी किया।
नई दिल्लीः क्या आपको पता है दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश अमरीका भी भारत की ही तरह किसी देश का गुलाम था। यह देश कोई और नहीं बल्कि ब्रिटेन था। जो आज के समय में अमरीका का करीबी मित्र है। भारत की ही तरह ब्रिटिश साम्राज्य ने यहां भी क्रूरतापूर्वक शासन किया। दरअसल साल 1492 में अमरीकी महाद्वीप की खोज होने के बाद यहां पर यूरोपीय देशों के लोगों का आऩा शुरू हुआ। उस समय इंग्लैंड एक शक्तिशाली देश था उसके कई देशों में उपनिवेश थे। अमरीका में भी इंग्लैंड ने उपनिवेश स्थापित कर लिए और यहां के लोगों पर शासन करना शुरू कर दिया। धीर-धीरे अमरीका पूरी तरह से ब्रिटेन का गुलाम हो गया।
अमरीकी क्रांति के प्रमुख कारण
ब्रिटिश सरकार का शासन इतना कठोर था कि वहां के लोग अत्याधिक परेशान हो गए। जिसके परिणाम स्वरूप अमरीकी जनता ने विद्रोह करना शुरू कर दिया। इस प्रमुख कारण ये भी रहा कि अग्रेजी सरकार के कई कानून ऐसे थे जो अमरीका की जनता के हितों के खिलाफ थे। अमरीका में बोस्टन चाय पार्टी की घटना के बाद ब्रिटिश सरकार की दमनकारी नीतियों की वजह से जनता में और आक्रोश फैल गया। इसके अलावा साल 1765 में ब्रिटिश सरकार ने स्टाम्प एक्ट नाम से एक कानून बना जिसकी वजह से अमरीका के लोग आर्थिक रूप से काफी परेशान होने लगे। इसके साथ ही धार्मिक मतभेद भी अमरीका क्रांति का कारण बना।
ये भी रही प्रमुख वजह
अमरीका में उच्च सरकारी पदों पर भेदभाव पूर्वक नियुक्तियां होने लगी। उच्च पदों पर इंग्लैंड के लोग ही नियुक्त होने लगे। इसके अलावा 1770-1773के बीच अमरीकी नागरिकों और ब्रिटिश सैनिकों के बीच कई बार टकराव हुए। सरकार के आदेश पर कई अमरीकी नागरिकों को गोलियों से भून दिया गया जो अमरीकी क्रांति की प्रमुख वजह बनी। फिलाडेल्फिया सम्मेलन में एक प्रस्ताव पारित किया जो ब्रिटिश सरकार के मुखिया जार्ज तृतीय के पास भेजा गया जिसमें कहा गया कि नागरिकों पर लगाए गए व्यापार कर को हटा लिया लिया जाए लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।