Social media platforms पर अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ( Joe Biden ) का यह बयान भारतीय मूल के डॉ. विवेक मूर्ती के बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने इन Social media को इस पर फैल रही गलत व भ्रामक खबरों को रोकने के लिए सार्थक प्रयास करने को कहा था।
नई दिल्ली। कोरोना महामारी के दौरान Social Media Platforms पर लगातार गुमराह करने वाली खबरें देखने को मिलीं। जहां कुछ लोग वैक्सीन को लेकर गुमराह कर रहे थे तो कुछ कोरोना के तरह-तरह के उपचार बता कर गुमराह कर रहे थे। इस तरह की खबरों ने कई लोगों की जान ले ली। सोशल मीडिया पर सरकार का नियंत्रण प्रभावी रूप से नहीं है, जिसके कारण इन खबरों को रोक पाना भी काफी मुश्किल भरा है। इसी को देखते हुए अमरीका के राष्ट्रपति ने बयान दिया है और सोशल मीडिया को लोगों की जान लेने वाला बता दिया है।
बाइडेन का यह बयान डॉ. विवेक मूर्ती ( Dr. Vivek Murthy ) के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने वैक्सीन के बारे में गलत सूचना को घातक बताया था और ऐसी सूचनाएं लोगों को वैक्सीन लगवाने में प्रभावित कर सकती हैं। अमरीकी स्वास्थ्य अधिकारी लोगों को लगातार वैक्सीन को लेकर बता रहे हैं कि वैक्सीन लगवाने के बाद महामारी से बचने में काफी मदद मिलेगी लेकिन लोगों के दिमाग में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तरह-तरह की गलत जानकारियां वैक्सीन के इस मिशन को रोक रही हैं।
बाइडेन का आरोप
जो बाइडेन से जब पूछा गया की सोशल मीडिया पर फैल रहीं भ्रामक खबरों को लेकर आप कुछ कहना चाहते हैं। इसके बाद बाइडेन ने साफ कहा, "वे लोगों की जान ले रहे हैं। हमारे यहां उन्हीं लोगों में कोरोना महामारी फैल रही है जो वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं।" इससे पहले डॉ. विवेक मूूर्ती ने कहा था कि सोशल मीडिया पर फैल रही गुमराह करने वाली खबरें काफी तेजी से फैलती हैं और उन सभी खबरों पर ध्यान देकर उन्हें स्पष्ट करना काफी मुश्किल हो जाता है।
भारतीय मूल के डॉ. मूर्ती बाइडेन सरकार में अहम पद पर हैं। इसलिए वाइट हाउस में संवाद करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बड़ी जिम्मेदारी वाला बताते हुए बयान दिया कि इन कंपनियों को अच्छे सोफ्टवेयर का निर्माण करते रहना चाहिए जिससे कि ये ग़लत व भ्रामक जानकारियों को फैलने से रोकती रहें।
Facebook ने दिया बाइडेन को जवाब
Facebook के प्रवक्ता Deni Liver ने इन आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि हमारे ऊपर लगाए गए ये आरोप हमें डरा नहीं सकते। हमें पता है हम क्या कर रहे हैं। हमारे प्लेटफॉर्म्स पर 2 अरब से अधिक लोगों ने कोरोना से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी देखी है जो किसी भी अन्य प्लेटफॉर्म्स से ज्यादा है और अमरीका की बात करें तो 33 लाख से अधिक लोगों ने हमारे उस टूल की मदद ली है जिसमें यह बताया जाता है कि वैक्सीन कहां और कैसे लगवाई जा सकती है।