अमरीका

भारत आतंकी मसूद अजहर को न्याय के कठघरे में लाने तक चैन से नहीं बैठेगा : अकबरुद्दीन

2 जनवरी 2016 को पठानकोट में आतंकी संगठन जैशे ए मुहम्मद ने हमला किया था।

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न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत जब तक पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश ए मुहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में आतंकी घोषित नहीं करता तबतक भारत चैन से नहीं बैठेगा। गौरतलब है कि मसूद अजहर पठानकोट आतंकी हमले का मास्टरमाइंड आतंकी है। 2 जनवरी 2016 को पठानकोट में आतंकी संगठन जैशे ए मुहम्मद ने हमला किया था। जिसमें सुरक्षा बलों ने 6 आतंकियों को ढेर कर दिया। हालांकि 7 जवान शहीद हुए थे। इस आतंकी हमले में भारत ने उसके भाई रउफ और 5 अन्य को भी हमला करने का आरोपी बताया था।

संयुक्त राष्ट्र समिति के पास मामला विचाराधिन

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि इस समय यह मामला संयुक्त राष्ट्र की समिति के समक्ष है। और यह मामला फिलहाल विचाराधीन है। हम उम्मीद करते हैं कि समिति मसूद अजहर को आतंकी का दर्जा देने की अपनी भूमिका निभाएगी। हमने कई बार उसे आतंकी घोषित करवाने की कोशिश की है लेकिन अब तक इसमें सफलता नहीं मिली है।'

जब तक कटघेरे में नहीं आता मामला उठता रहेगा

अजहर को आतंकी का दर्जा दिलाने के भारत के प्रयासों से जुड़े सवाल के जवाब में उन्होंने शनिवार को कहा, 'हम यह स्पष्ट करना चाहेंगे कि हमारी ओर से मसूद अजहर का मामला तब तक उठाया जाता रहेगा, जब तक कि उसे न्याय के कठघरे में नहीं लाया जाता।' गौरतलब है कि अजहर को आतंकी घोषित करवाने के भारत के प्रयासों को बार-बार चीन अवरुद्ध करता रहा है।

आतंकी घोषित करने में चीन बना रोड़ा

पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड को संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित करवाने के भारत के प्रस्ताव को अमरीका, फ्रांस और ब्रिटेन का समर्थन है। वहीं चीन ने अगस्त में इस प्रस्ताव पर अपनी तकनीकी रोक की अवधि को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया। यदि चीन ने रोक को यह विस्तार नहीं दिया होता तो अजहर स्वत: ही संयुक्त राष्ट्र की ओर से एक आतंकी घोषित हो जाता। चीन की तकनीकी रोक की अवधि 2 नवंबर को खत्म हो रही है।

Published on:
18 Sept 2017 01:55 am
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