
वाशिंगटन: अमरीका में एक और विनाशकारी तूफान ने दस्तक दे दी है। फ्लोरिडा में इरमा तूफान से जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। इस तूफान के चलते 175 मील प्रति घंटे से लेकर 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाऐं चल रही है। इरमा तूफान से फ्लोरिडा के लाखों लोगों के प्रभावित होने की उम्मीद है। वहां काफी संख्या में भारतीय मूल के अमरीकी भी रहते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि यह तूफान अटलांटिक में अब तक दर्ज किए गए तूफान से सबसे बड़ा है। तूफान पर करीबी नजर रखी जा रही। सभी जगहों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है।
इन इलाकों में आपातकाल का ऐलान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा, प्योर्टो रिको और अमेरिकी वर्जिन आइलैंड्स में आपातकाल की घोषणा की है और बहामास में अधिकारियों ने कहा कि वे छह दक्षिणी द्वीपों को खाली कराएंगे।गौरतलब है कि कुछ दिन पहले हार्वे तूफान ने अमरीका में तबाही मचा रखी थी। यह उत्तर पूर्वी द्वीप की ओर बढ़ गया है। प्रशासन ने तूफान की रफ्तार को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन की ओर से कई क्षेत्रों में प्यूर्तो रिको, यूएस वर्जिन आइलैंड्स व समूचे फ्लोरिडा में इमरजेंसी घोषित की गई। तूफान के चलते 25 सेंटीमीटर तक बारिश हुई। प्रशासन की ओर से चेतावनी जारी की गई है कि समुद्र वाले इलाके के पास लोग नहीं जाएं। मिली जानकारी के अनुसार तूफान के चलते लगभग 7 मीटर की ऊॅंचाई तक लहर उठ सकती हैं। ऐसे में जमकर तबाही मच सकती है। मछुआरे को समुद्र में मछली नहीं पकड़ने के निर्देश जारी किए गए हैं।
हार्वे तूफान का आध्यात्मिक नजरिया
इससे पहले हार्वे तूफान को आध्यात्मिक नजरिया से भी देखा गया। लोगों का मानना है कि इस दौर में बाइबिल में तूफान आने की बातें लिखी गई है । इससे पहले हार्वे तूफान में कई लोगों की मौत हो गई थी। इसमें एक भारतीय छात्र की भी मौत हुई थी। जिसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज लगातार अमरीका से संपर्क में थी।