ट्रंप ने वाइट हाउस में किया ऐलान कहा, इसका उद्देश्य रक्षात्मक होगा ट्रंप ने उम्मीद जताई कि ईरान लड़ना नहीं चाहेगा
वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व में 1,500 सैनिकों की तैनाती को मंजूरी दी है। जाहिर तौर पर इसका मतलब यह है कि वाशिंगटन ईरान को बड़े खतरे के रूप में देखता है। ट्रंप ने वाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में कहा कि ' हम सुरक्षा चाहते हैं। आने वाले हफ्तों में यह तैनाती होगी। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य रक्षात्मक होगा'। अमरीकी राष्ट्रपति ने इन अटकलों को खारिज कर दिया कि तैनाती वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि ईरान लड़ना चाहता है। इसे दोहराते हुए ट्रंप ने कहा कि मुझे निश्चित रूप से नहीं लगता कि ईरान हमारे साथ लड़ना चाहता है।
ईरान को कई बार खतरा बताया है
ट्रंप ने मीडिया से कहा कि कार्यवाहक रक्षा सचिव पैट्रिक शनहान ने गुरुवार को तैनाती की संभावना को स्वीकार किया है। उन्होंने उन रिपोर्ट से इनकार किया कि पेंटागन ने 5,000 और 10,000 सैनिकों को क्षेत्र में भेजने की योजना बनाई थी। मई की शुरुआत से ही वाशिंगटन ने अमरीकी हितों को लेकर ईरान को कई बार खतरा बताया है। तेहरान ने सभी आरोपों से इनकार किया है। ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने गुरुवार को कहा कि हम अपने देश की भलाई और स्वतंत्रता के लिए लक्ष्यों से पीछे नहीं हटेंगे। भले ही दुश्मन हमारी भूमि पर बमबारी करे।
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