वेनेजुएला में रूस ने भेजी अपनी सेना करीब 100 रूसी सैनिक वेनेजुएला में मौजूद अमरीका को रूस की उपस्थिति से ऐतराज
वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को चेतावनी दी है कि वह वेनेजुएला से अपने सैनिकों को बाहर निकाले। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला से अपने सैनिकों को वापस निकालने के लिए रूस चेतावनी दी और कहा है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो अमरीका के पास विकल्प खुले हुए हैं। बता दें कि बीते शनिवार को काराकस के बाहर लगभग दो रूसी वायु सेना के विमानों के आगमन से वेनेजुएला में राजनीतिक संकट बढ़ गया है। इन विमानों पर करीब 100 रूसी सैनिक सवार थे।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी
आपको बता दें कि रूस और चीन ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का समर्थन किया है, जबकि संयुक्त राज्य अमरीका और अधिकांश पश्चिमी देश विपक्षी नेता जुआन गुइदो का समर्थन करते हैं। मादुरो के पुन: चुनाव को नाजायज बताते हुए गुइदो ने खुद को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया। उधर अमरीकी सरकार का कहना है कि रूस के सैनिकों में विशेष बल और साइबर सुरक्षा कर्मी शामिल हैं। गौरतलब है कि रूस के वेनेजुएला के साथ द्विपक्षीय संबंध हैं। उधर ट्रंप के जवाब में संयुक्त राष्ट्र के रूसी राजदूत दिमित्री पोलांस्की ने कहा," अन्य देशों के कार्यों और भाग्य का फैसला करना अमरीका का काम नहीं है। यह केवल वेनेजुएला और उसके एकमात्र वैध राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के लोगों पर निर्भर है।"
रूसी उपस्थिति से बिगड़ा संतुलन
अमरीका ने यह भी कहा है कि रूसी सेना की वजह से इस क्षेत्र में संतुलन बिगड़ गया है। उधर वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो का कहना है कि दोनों देशों की अंतर-सरकारी बैठक अप्रैल में आयोजित की जाएगी, जिसमें दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में लगभग 20 समझौतों पर हस्ताक्षर करने की योजना है। राष्ट्रपति ने यह भी घोषणा की कि काराकस मास्को से मानवीय सहायता की एक और किस्त की प्रतीक्षा कर रहा है। 22 फरवरी को लैटिन अमरीकी देश ने रूस से 7.5 टन मानवीय सहायता प्राप्त की।इसमें दवा, चिकित्सा उपकरण और अन्य उपभोग्य वस्तुएं शामिल थीं।