US Election 2020 डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन को मिले 264 इलेक्टोरल वोट जादुई आंकड़ा छूने से सिर्फ 6 कदम दूर हैं बिडेन कई स्थानों पर मतगणना रोकने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने ली कोर्ट की शरण
नई दिल्ली। अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव ( US Election 2020 ) के लिए मतदान खत्म हो गया है। अब वोटों की गिनती जारी है, कई राज्यों के रुझान और नतीजे भी आ गए हैं। डेमोक्रेट्स के उम्मीदवार जो बिडेन अब अपनी जीत से महज 6 कदम दूर हैं। मिशिगन की जीत ने बिडने के राष्ट्रपति कुर्सी तक पहुंचने के रास्ते को आसाना बना दिया है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप चुनाव को लेकर कोर्ट की शरण में पहुंच गए हैं।
पहले मिशिगन और पेंसिलवेनिया के बाद ट्रंप ने जॉर्जिया में काउंटिंग रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल ट्रंप ने एक दिन पहले ही मतदान में गड़बड़ियों के आरोप लगाने शुरू कर दिए थे। साथ ही मामलों को कोर्ट ले जाने के संकेत भी दिए थे।
इतने प्रतिशत मिले बैलेट वोट
फॉक्स न्यूज के मुताबिक 99 फीसदी बैलेट वोटों की गितनी में बिडेन को 49.9 फीसदी जबकि डोनाल्ड ट्रंप को 48.6 फीसदी वोट मिले हैं। अमरीका में राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के लिए 270 इलेक्टोरल वोटों की जरूरत होती है। बिडेन को अब तक 264 इलेक्टोरल वोट मिल चुके हैं, जबकि ट्रंप को 214 वोट ही मिले हैं।
बिडेन को जीत का भरोसा
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडन ने कहा है कि देर रात तक हुई काउंटिंग के बाद मैं यह साप कह सकता हूं कि जब मतगणना संपन्न होगी तो हम विजेता होंगे। उन्होंने कहा कि ताकत ना तो ली जा सकती है और ना ही उस पर दावा किया जा सकता है। यह जनता तय करेगी की अमरीका का राष्ट्रपति कौन बनेगा।
बिडेन का जीत से पहले पेरिस जलवायु पर बड़ा ऐलान
अपनी जीत से पहले बिडेन एक बड़ा ऐलान भी कर दिया। बिडने कहा कि ट्रंप प्रशासन आधिकारिक तौर पर पेरिस जलवायु समझौते से बाहर हो गया। ठीक 77 दिनों बाद बाइडन प्रशासन इसमें फिर से शामिल होगा।
ट्रंप ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
ट्रंप खेमे ने चुनावी नतीजों को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर ली है। इसमें अमरीकी सुप्रीम कोर्ट में डाक मतों की गिनती के तरीकों को लेकर चुनौती दी जाएगी। ताकि देश की सर्वोच्च अदालत से आने वाला फैसला अन्य राज्यों पर भी लागू हो।
ट्रंप के प्रबंधक बिल स्टीफन के मुताबिक ट्रंप ने मिशिगन में वोटों की गिनती रोकने के लिए कोर्ट में अपील की है। उन्होंने कहा, हमने सही तरीके से काउंटिंग सुनिश्चित नहीं होने तक वोटों की गिनती रोकने के लिए मिशगन की अदालत में अर्जी दाखिल की है। हमने खोले गए और गिने गए मतपत्रों की समीक्षा करने की भी मांग की है, क्योंकि हमें ये सही नहीं लगते हैं।