HIGHLIGHTS अमरीकी-भारतीय नागरिकों ( US-Indians Citizen ) ने लद्दाख सीमा पर चीन की आक्रमकता के खिलाफ शिकागो में विरोध-प्रदर्शन ( Protest In Chicago ) किया है और चीन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। प्रदर्शनकारियों ने बैनर-पोस्टर के जरिए चीन के खिलाफ विरोध किया। लोगों ने अपने हाथों में कई तरह के स्लोगन लिखे हुए पोस्टर लिए हुए थे, जिसमें चीन की निंदा की गई है।
शिकागो। चीन ( China ) के साथ लद्दाख सीमा ( Ladakh Border ) पर जारी तनाव के बीच भारत में चीन के खिलाफ लगातार विरोध बढ़ता जा रहा है और लोग चीनी सामानों का बहिष्कार कर अपना विरोध जता रहे हैं। इस बीच अमरीका ( America ) से भी एक बड़ी खबर सामने आई है।
अमरीकी-भारतीय नागरिकों ( US-Indian Citizen ) ने लद्दाख सीमा पर चीन की आक्रमकता के खिलाफ शिकागो में विरोध-प्रदर्शन ( Protest In Chicago ) किया है और चीन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। प्रदर्शनकारियों ने शिकागो में चीनी वाणिज्य दूतावास के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए पूर्वी लद्दाख में बीजिंग की आक्रमकता के खिलाफ अपना विरोध जताया।
आपको बता दें कि चूंकि कोरोना वायरस ( Coronavirus ) महामारी के कारण अमरीका में एक जगह पर भारी संख्या में लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध है। ऐसे में शिकागो शहर में भी इस नियम का पालन किया जा रहा है। लिहाजा इस प्रदर्शन में ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सके।
चीन के खिलाफ लोगों में गुस्सा
भारत व अन्य पड़ोसी देशों के साथ चीन की नीतियों को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। शिकागो से एक प्रमुख भारतीय-अमरीकी डॉ. भरत बराई ने कहा कि हमारा विरोध लेह में भारतीय सीमा में चीनी घुसपैठ के खिलाफ था। चीन को हम ये बताना चहाते हैं कि भारतीय-अमरीकी शांत नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत के साथ है और चीनी आक्रमकता के खिलाफ अमरीकी-भारतीय नागरिकों में काफी आक्रोश है।
प्रदर्शनकारियों ने बैनर-पोस्टर के जरिए चीन के खिलाफ विरोध किया। लोगों ने अपने हाथों में कई तरह के स्लोगन लिखे हुए पोस्टर लिए हुए थे, जिसमें चीन की निंदा की गई है।
आपको बता दें कि बीते 15 जून को भारत-चीन सैनिकों ( India and China Army ) के बीच पूर्वी लद्दाख सीमा के गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई थी। इसमें भारत के 20 जवान शहीद हुए थे, जबकि चीन के 40 से अधिक सैनिक मारे गए थे। चीन गलवान घाटी में अपना दावा कर रहा है, हालांकि भारत ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए साफ कर दिया है कि भारत की एक इंच भूमि पर किसी को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।