मेक्सिको बॉर्डर पर अवैध प्रवासी मां-बाप से अलग हुए बच्चोें को मिलाने के लिए अमरीकी सरकार ने अदालत से अतिरिक्त समय मांगा है।
वाशिंगटन। मेक्सिको बॉर्डर पर अवैध प्रवासी मां-बाप से अलग किए गए बच्चों को उनसे मिलाने के लिए ट्रंप प्रशासन ने अदालत से समय मांगा है। अमरीकी सरकार का कहना है कि इन बच्चों के माता-पिता पहले ही देश छोड़ चुके हैं। ऐसे में उन्हें जो मोहलत दी गई है, वह काफी कम है। इसके लिए जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करने में उन्हें अधिक समय लग सकता है। बता दें कि इन बच्चों को 10 जुलाई तक रिहा करने की समयसीमा दी गई थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की ओर से अटॉर्नी ने शुक्रवार को दो घंटे की सुनवाई के बाद कहा कि पांच साल तक के बच्चों के 19 परिजनों ने अमेरिका छोड़ दिया है। अमरीकी न्याय विभाग ने गुरुवार को जज डाना सैब्रो से औपचारिक तौर पर नरमी बरतने का आग्रह किया था।
डीएनए टेस्ट के बाद मां-बाप को मिलेंगे बच्चे
बता दें कि अमरीकी सरकार ने मेक्सिको बॉर्डर पर अवैध प्रवासी मां-बाप से अलग किए गए बच्चों को मिलाने के लिए डीएनए टेस्ट का तरीका अपनाया है। यह कदम ट्रंप प्रशासन ने इसलिए उठाया है क्योंकि अवैध प्रवासियों को लेकर सीमा पर जीरो टॉलरेंस की इमिग्रेशन पॉलिसी अपनाई है। इस पॉलिसी के तहत अवैध तौर पर अमरीका में घुसने वाले हर वयस्क व्यक्ति पर संघीय अपराधों का केस दर्ज किया जाएगा और उन्हें जेल भेजा जाता है।
ट्रंप की पत्नी ने इस नीति पर जताया विरोध
वहीं, उनके बच्चों को उनसे अलग कर दूसरी जगह कस्टडी सेंटर भेज दिया जाता था। लेकिन अमरीका में लाखों जनता और कई नेताओं सहित ट्रंप की पत्नी मेलानिया ने भी इस फैसले की आलोचना की है। मेलानिया डोनाल्ड ट्रंप की यह नीति इतनी ना पसंद आई कि उन्होंने अपनी प्रवक्ता के जरिए कहा कि, बच्चों को उनके परिवारों से अलग होते देखने से उन्हें नफरत है।