राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक में सहायता कार्यक्रमों की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया
वाशिंगटन। अमेरिका ने कहा है कि वह फिलिस्तीन में गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक के लिए दी जाने वाली 20 करोड़ डॉलर से अधिक की सहायता पर रोक लगा रहा है। जिसके बाद राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन पर शांति विरोधी होने के आरोप लग रहे हैं। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार राष्ट्रपति के निर्देश पर यह निर्णय फिलिस्तीनी क्षेत्र में सहायता कार्यक्रमों की समीक्षा के बाद लिया गया है। इससे पहले ईरान पर भी अमरीका ने आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। अमरीका कहना कि देश में परणामु हथियारों का जखिरा है। इसे लेकर पूरी दुनिया को खतरे बचाने के लिए यह प्रतिबंध लगाए थे।
उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जाएगा
अमरीकी अधिकारी के अनुसार पश्चिमी सीमा और गाजा में कार्यक्रमों के लिए आवंटित धन अब कहीं और उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम गजा में सहयोग पहुंचाने में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पेश आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। गौरतलब है कि जनवरी में अमेरिका ने फिलिस्तीनी शरणार्थियों पर संयुक्त राष्ट्र एजेंसी को मिलने वाली सहायता में जबरदस्त कटौती की है।
विवादों में रहा है गाजा पट्टी
गाजा पट्टी एक छोटे सा फिलिस्तीनी क्षेत्र है,यह मिस्र और इसरायल के मध्य भूमध्यसागरीय तट पर स्थित है। फिलिस्तीन अरबी और बहुसंख्य मुस्लिम बहुल इलाका है। इस पर 'हमास' द्वारा शासन किया जाता है जो इजरायल विरोधी आतंकवादी समूह है। वो यूं क्योंकि फिलिस्तीन और कई अन्य मुस्लिम देश इजरायल को यहूदी राज्य के रुप में मानने से इनकार करते हैं। 1947 के बाद जब यून ने फिलिस्तीन को एक यहूदी और एक अरब राज्य में बांट दिया था जिसके बाद से फिलिस्तीन और इजरायल के बीच संर्घष जारी है जिसमें एक अहम मुद्दा जुइस राज्य के रूप में स्वीकार करना है तो दूसरा गाजा पट्टी है जो इजराइल की स्थापना के समय से ही इजरायल और दूसरे अरब देशों के बीच संघर्ष का कारण साबित हुआ है।