Theranos Startup Fraud: थेरानॉस की संस्थापक एलिज़ाबेथ होम्स हो अपने स्टार्टअप के नाम पर निवेशकों से धोखाधड़ी करना महंगा पड़ गया है। उन्हें इसके लिए 11 साल की सज़ा मिली है।
दुनिया की सबसे कम उम्र की सेल्फ-मेड अरबपति (Self-Made Billionaire) को अब जेल की हवा खानी पड़ेगी। और इसकी वजह है निवेशकों के साथ धोखाधड़ी। दरअसल अमरीका (United States of America) की 38 वर्षीय निवासी एलिज़ाबेथ होम्स (Elizabeth Holmes), जिन्हें 2014 में फोर्ब्स (Forbs) ने दुनिया की सबसे कम उम्र की सेल्फ-मेड अरबपति घोषित किया था, को हाल ही में धोखाधड़ी के मामले में अमरीका के कैलिफोर्निया (California) राज्य के सैन जोस (San Jose) शहर की अदालत ने 11 साल जेल की सज़ा सुनाई है।
क्यों मिली सज़ा?
एलिज़ाबेथ को लोगों को चूना लगाने की वजह से जेल की सज़ा हुई है। एलिज़ाबेथ ने 2003 में थेरानॉस नाम के एक स्टार्टअप की शुरुआत की थी। ब्लड टेस्टिंग के लिए शुरू किए गए इस स्टार्टअप ने यह दावा किया था कि उन्होंने एक ऐसे ब्लड एनालाइज़र को विकसित किया है, जिसे कही भी आसानी से ले जाया जा सकेगा। थेरानॉस के अनुसार इससे ब्लड टेस्टिंग में सरलता होगी। इतना ही नहीं, थेरानॉस ने इस बात का भी दावा किया था कि उनकी ब्लड टेस्टिंग के ज़रिए शरीर की सभी बीमारियों का आसानी से पता लगाया जा सकेगा।
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सज़ा मिलने के बाद भावुक हुई एलिज़ाबेथ
शुक्रवार को सज़ा की घोषणा के बाद एलिज़ाबेथ भावुक हो गई और अदालत में ही उनकी आँखों से आँसू निकल आए। अपने पति को गले लगाने के बाद उन्होंने रोते हुए अदालत में कहा, "जो भी हुआ, मैं उसकी ज़िम्मेदारी लेती हूँ। मैंने कई लोगों को निराश किया है। पिछले कुछ सालों में मैंने बहुत दुःख महसूस किया है, क्योंकि मैंने लोगों को निराश किया है। अगर मुझे मौका मिले, तो मैं सभी चीज़े बदलना चाहूँगी। अपनी कंपनी को बनाने और उसे बचाने के लिए मैं जो कर सकती थी, सब किया। मेरी वजह से लोगों ने जो झेला, उसके लिए मैं शर्मिंदा हूँ।"