अमेठी

वसीम रिजवी को लेकर इस मौलाना का बड़ा बयान, कहा- हुकूमत इनसे किनारा करे वरना इलेक्शन में भुगतना पड़ेगा खामियाजा

उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी के मंगलवार के बयान पर शिया उलेमाओं में गुस्सा है।

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Jan 22, 2019
Wasim Rizvi

अमेठी. उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी के मंगलवार के बयान पर शिया उलेमाओं में गुस्सा है। शिया मौलाना एवं जेएनयू के रिसर्च स्कालर मौलाना अदीब हसन रिजवी ने कहा कि वसीम रिजवी मौजूदा वक़्त के यज़ीद हैं। वो मुल्क में फित्ना (नफरत) फैला रहे और क़ुरआनों शरीयत की रौशनी में फित्ना फैलाना क़त्ल (हत्या) से बड़ा जुर्म है।

लगता है कि अब योगी जी भी दुबारा मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते-

मौलाना ने ये भी कहा कि वसीम रिजवी बदबख्त को हमारे उलेमा मिलकर कौम से बाहर का रास्ता क्यों नहीं दिखाते? पूरी कौम मिलकर उनका सोशल बायकाट क्यों नहीं करती है? हमारे शिया, सियासी अफ़राद, मौजूदा हुकूमत पर इस बात का दबाव क्यों नहीं डालते कि वसीम रिजवी से हुकूमत किनाराकशी करे, वरना इलेक्शन में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वसीम रिजवी का अब तक का रिकार्ड रहा है कि वो जिसके साथ जुड़े, उसकी हुकूमत चली गई। सबसे पहले सपा में थे तो मुलायम सिंह यादव दुबारा मुख्यमंत्री नहीं बने। बीएसपी से जुड़े तो मायावती दुबारा मुख्यमंत्री नहीं बनी। सपा में फिर आए तो अखिलेश यादव दुबारा मुख्यमंत्री नहीं बनें। लगता है कि अब योगी जी भी दुबारा मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते। इसलिए वसीम रिजवी को अपने साथ रखे हुए हैं।

रिजवी ने की थी मदरसों को बंद करवाने की मांग-

आपको बता दें कि मंगलवार शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष वसीम रिजवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश भर के सभी मदरसों को बंद करवाने की अपील की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि अगर देश के प्राथमिक मदरसों को बंद न किया गया तो 15 साल बाद देश का आधे से ज्यादा मुसलमान आईएसआईएस की विचारधारा का समर्थक हो जाएगा।

Published on:
22 Jan 2019 08:43 pm
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