अमेठी

मौसम के अचानक बदले रूख ने जिले की बदल डाली तस्वीर, चारों ओर मचा कोहराम

मौसम के अचानक बदले रूख ने जिले कि तस्वीर बदल ङाली है। तेज तूफान ने जिले के अलग-अलग स्थान पर जमकर तांडव मचाया।

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May 15, 2018
Storm in Amethi

अमेठी. मौसम के अचानक बदले रूख ने जिले कि तस्वीर बदल ङाली है। तेज तूफान ने जिले के अलग-अलग स्थान पर जमकर तांडव मचाया। बिगड़े मौसम ने किसी को नहीं बक्शा। आंधी तूफान के प्रकोप के बाद एक तरफ जहां किसान बदहाली के आंसू बहा रहे हैं, वहीं अमेठी प्रशासन की बड़ी लापरवाही भी सामने आई है जहां जिले में तबाही के बाद अब जिले का जिम्मेदार सिस्टम भी किसानों का साथ देने की बजाय जिले के लोगों के अरमानों को ठेंगा दिखा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि प्रकृति के प्रकोप में अपना सब कुछ गवा बैठे किसानों की सुध आखिर कौन लेगा।

मामला वीवीआईपी जिले अमेठी का है जहां बीती रात आये तेज तूफान ने जिले की तस्वीर बदल ङाली। एक तरफ जहां तेज रफ्तार तूफान ने जिले की विद्युत आपूर्ति को पूर्णतया ठप कर दिया, वहीं जिले की अलग-अलग तहसील क्षेत्र में जमकर कहर बरसाया। अचानक बदले मौसम ने एक तरफ जहां कई मकानों को अपनी चपेट में लेकर उसे तहस नहस कर दिया, वहीं प्रकृति के कहर के बाद अब अमेठी का लापरवाह सिस्टम भी किसानों को बेबसी के आंसू रूला रहा है। प्रकृति के तबाही की तस्वीरें गौरीगंज तहसील क्षेत्र से हैं, जहां तहसील के पहाड़गंज निवासी लल्लन प्रसाद पाण्डेय का गांव में सड़क किनारे मकान है।

देर रात आये तूफान में इनका पक्का मकान भरभरा कर गिर गया है। वहीं मकान गिरने से घर में सो रहे लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। वहीं इस बड़ी घटना में प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी अभी तक क्षति का आंकलन करने घटना स्थल तक नहीं पहुंचा। इसी गांव के पूरे माधव गांव निवासी जीविका पाल के घर देर रात आये तूफान में एक बड़ा पेड़ इनके कच्चे मकान पर गिर गया जिससे घर पर रखा टीन सेट टूटकर नीचे गिर गया, जिससे घर के लोग चोटिल हो गए। यहां भी घटना के 24 घटे बीत जाने के बाद भी कोई जिम्मेदार सुध लेने नहीं आया। इस गांव के साथ ही तहसील के अलग-अलग क्षेत्रों में भी काफी नुकसान हुआ जिसमे गौरीगंज विकास खंड के ही निवासी रामचन्द्र शुक्ल की दुकान तहस नहस हो गई।

सपा विधायक द्वारा बनवाया गया स्वागत द्वार भी गिरा-

वहीं सैठा गौरीगंज मार्ग पर सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह द्वारा बनवाया गया स्वागत द्वार गिरने से अफरा-तफरी मच गई। इसके साथ ही आंधी तूफान के इस प्रकोप से अलग-अलग स्थानों पर गिरे सैकड़ो पेड़ ने यातायात को प्रभावित किया। साथ ही विद्युत व्यवस्था भी पूरी तरीके से ठप हो गई। वहीं पूरे मामले में अब विद्युत विभाग व वन विभाग के अधिकारी हालात सामान्य करने के लिए युद्ध स्तर पर जुटे हुए हैं। सिस्टम की लापरवाही के बाद जब जिले के जिम्मेदारों से बात करने कि कोशिश की गई तो अधिकारियों ने फोन ही नहीं उठाया।

Published on:
15 May 2018 06:11 pm
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