विवेक तिवारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस नेता ने राज्यपाल को लिखा पत्र, बताई कई सारी बातें
अमेठी. योगी सरकार की पुलिस वाह-वाही लूटने के लिए किसी भी स्तर पर जानें को तैयार है। राजधानी लखनऊ में गोमतीनगर पुलिस ने बीती रात एप्पल स्टोर के एरिया मैनजेर विवेक तिवारी की जिस तरह सुनियोजित रूप से हत्या की वो जग जाहिर है। हत्याकांड के बाद सरकार की नींद टूटी और योगी एक्शन में आ गए, लेकिन वारदात ने राजनीतिक रूप ले लिया। कांग्रेस नेता व एमएलसी दीपक सिंह ने इस घटना को दुःखद बताया।
उन्होंने लिखा कि जिस उप्र की राजधानी में नागरिक कभी अपराधी की गोली से कभी पुलिस की गोली से मार दिया जाता हो, उस प्रदेश की इन्वेस्टर समिट में पीएम और सीएम के साथ उद्योगपति मंचों पर तो सुरक्षित है। पर प्रदेश में आम नागरिक सुरक्षित नहीं। उन्होंंने सवाल करते हुए लिखा कि विवेक तिवारी की सहकर्मी बंधक क्यों ?

वही सदस्य विधान परिषद दीपक सिंह ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक को भी उक्त मामले में पत्र लिखा। दीपक सिंह ने पत्र में लिखा कि जिस प्रदेश में राजधानी सहित बड़े शहरों तक में आम नागरिक कभी अपराधी की गोली से कभी पुलिस की गोली से मार दिया जाता हो, उस प्रदेश की इन्वेस्टर समिट में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के साथ बड़े उद्योगपति मंचों पर तो सुरक्षित है, परंतु प्रदेश में उनके अधिकारी कर्मचारी, आम नागरिक सुरक्षित नहीं है। विवेक के ऊपर पुलिस को कोई अपराधिक घटना नहीं मिली तो उसके चरित्र का हनन क्यों किया जा रहा है, पुलिस कह रही है बचाव में गोली मारी, इस वजह से उसकी सहकर्मी को नजर बंद किया गया है, अगर विवेक पर छोटी सी भी एफआईआर दर्ज होती, अथवा सिपाही की जगह गोली किसी दरोगा या अधिकारी ने मारी होती तो निश्चित रूप से उसको चरित्रहीन नहीं उसे अपराधी बताया जा रहा होता।
घटना की हो न्यायिक जांच
इस प्रदेश में सरकार अपना इकबाल खो चुकी है, सरकार झूठतंत्र, भाषण तंत्र और अफवाह तंत्र और जातीय धार्मिक उन्माद के भरोसे अपने सरकार की रक्षा कर रही है, आम आदमी की जिंदगी से सरकार का कोई लेना देना नहीं। योगी सरकार में अभी तक जितने भी संदिग्ध इनकाउंटर हुए है, इस घटना ने उनपे भी सवाल खड़े कर दिए हैं । इसलिए प्रदेश भर में हुए संदिग्ध एनकाउंटरों सहित इस घटना की भी सीबीआई अथवा हाईकोर्ट के जज स्तर से इनकी न्यायिक जांच होनी चाहिए ।