
अमेठी. अमेठी तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों की जमकर लापरवाही देखने को मिली। फरियादियों की समस्याएं दूर करने के लिए आये जिलास्तरीय अधिकारी कर्नाटक चुनाव के रुझानों के साथ मोबाइल पर व्यस्त दिखे। इतना ही समाधान दिवस के दौरान ही उस समय एक अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब लाइट चली चली गई जिसके बाद डीएम मोबाइल टार्च की रोशनी में फरियादियों की समस्याएं सुनती रही।
चुनावी रूझान के चक्कर में नजरअंदाज की परेशानियां
दरअसल, आज यानि मंगलवार को अमेठी तहसील में डीएम शकुंतला गौतम की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। समाधान दिवस में जिले के सभी जिलास्तरीय अधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में फरियादी अपनी फरियाद लेकर पहुँचे। लेकिन जनता की समस्याएं दूर करने वाले अधिकारी कर्नाटक चुनाव के रुझान देखते रहे जबकि दर्जनों से ज्यादा अधिकारी फेसबुक, व्हाट्सएप्प और मोबाइल पर बात करते दिखे।
अब ऐसे में एक बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि शासन के निर्देश पर जनता की समस्याएं दूर करने के लिए सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है। लेकिन जब अधिकारी खुद मोबाइल पर व्यस्त रहते है ऐसे में आम जनता की समस्याए कैसे दूर होंगी।
एप्लीकेशन जमा होने के बाद नहीं होती सुनवाई
वहीं जब फरियाद लेकर आये फरियादियों से बात की गई तो फरियादियों ने कहा कि जनता परेशान है और अधिकारी किसी भी बातों को गंभीरता से नही ले रहे है। सारे एप्लीकेशन एक साथ जमा कर लिया जाता है लेकिन सुनवाई नहीं होती। अधिकारी समाधान दिवस के मोबाइल पर सोशल मीडिया पर व्यस्त रहे हैं, तो कोई कर्नाटक चुनाव देख रहा है। हम स्वयं ही कई दिनों से चक्कर काट रहे है लेकिन सुनवाई नही हो रही है।