महिला दरोगा का शव पुलिस विभाग के अंदर पाया गया है। महिला दरोगा को आनन-फानन में सीएचसी तिलोई में भर्ती कराया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मृतक महिला की पहचान रश्मि यादव के रूप में हुई है।
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में एक महिला दरोगा का शव पाए जाने से सनसनी मच गई है। शव पुलिस विभाग के अंदर पाया गया है। महिला दरोगा को आनन-फानन में सीएचसी तिलोई में भर्ती कराया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मृतक महिला की पहचान रश्मि यादव के रूप में हुई है। लखनऊ के थाना गोसाईगंज निवासी रश्मि मोहनगंज की महिला चौकी प्रभारी के पद पर तैनात रहीं। मृतक रश्मि यादव के पिता ने हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी बहादुर थी, वह आत्महत्या नहीं कर सकती। उधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंच गये। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर जांच-पड़ताल में जुट गई है।
दरवाजा तोड़ने पर हुई जानकारी
मौत से पहले महिला दरोगा मोबाइल फोन पर बात करते हुए अपने कमरे की ओर निकल पड़ी। थाना मोहनगंज के चौकीदार व पुलिसकर्मियों द्वारा महिला दरोगा को साढ़े तीन बजे जब बुलाया गया तो कमरे का दरवाजा नहीं खुला। फोन कर पर भी कोई रिस्पांस नहीं मिला। दरवाजा तोड़ा गया तो महिला दरोगा का शव फांसी के फंदे से दुपट्टे के सहारे लटका पाया गया। महिला दरोगा का शव वर्दी में पाया गया था। कमर में पिस्टल भी लगी हुई थी।
तबादले से थी परेशान
रश्मि यादव के पिता मुन्ना लाल यादव ने बताया कि उनकी बेटी का तबादला हो गया था। वह दो तीन दिन से परेशान थी। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है। वहीं पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने कहा कि रश्मि यादव का शव उनके आवास में पंखे से लटकता हुआ मिला है। उनका कमरा अंदर से बंद था पुलिस ने उसको तोड़कर अंदर प्रवेश किया। आज क्षेत्राधिकारी ऑफिस में एक मीटिंग में वो गई थी वहां ऐसा कोई संकेत नहीं मिला था। शाम को थाने का मुंशी उनके कमरे पर पहुंचा खटखटाने पर कमरा नहीं खुला तो उसने थानाध्यक्ष को बताया। वो मूलतः लखनऊ की रहने वाली हैं और 2017 बैच की उपनिरीक्षक के पद पर तैनात हुई थी।