
Cyclone Murasu Alert: बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव रविवार को चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ में तब्दील हो गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु के आसपास के तटीय इलाकों के लिए चक्रवात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान सोमवार सुबह तक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है।
IMD के रविवार दोपहर जारी बुलेटिन के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय है। रविवार सुबह 11:30 बजे यह चेन्नई से करीब 560 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व और विशाखापत्तनम से लगभग 660 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में केंद्रित था।
मौसम विभाग के अनुसार, तूफान पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और तेज होगा। इसके गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़कर नेल्लोर और नरसापुर के बीच आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
‘मुरासु’ एक सप्ताह से भी कम समय में आंध्र प्रदेश के तट से टकराने वाला दूसरा चक्रवाती तूफान होगा। इससे पहले भीषण चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ 28 अक्टूबर की सुबह नरसापुर के पास आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। उस दौरान हवा की अधिकतम रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे थी, जबकि झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी।
पिछले चक्रवात ‘अरनब’ के कारण राज्य में सात लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा तटीय जिलों में फसलों, सड़कों, बिजली और दूरसंचार व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा था। हजारों एकड़ में खड़ी फसल बर्बाद हो गई थी, जबकि बिजली के सैकड़ों खंभे और पेड़ उखड़ गए थे।
प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस तूफान से करीब 4,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। फिलहाल केंद्र सरकार की एक टीम राज्य में पहुंचकर चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन कर रही है।