Punjab News: 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग (Jallianwala Bagh History) में हुए नरसंहार में सैकड़ों लोगों की जान चली गईं (Jallianwala Bagh Closed Till 12 April 2020) थी, 13 अप्रैल 2020 को इसे 100 साल पूरे होने (Tourist Places In India) वाले (Tourist Places In Punjab) है...
(अमृतसर): देश को आजादी दिलाने के लिए कईं बलिदान देने पड़े। हर भारतीय के जहन में यह कहानियां सदैव जीवंत रहेगी। ऐसी ही दिल को झकझोर देने वाली दास्तां है पंजाब के जलियांवाला बाग की जहां अंग्रेजी अफसर जनरल डायर के आदेश पर सैकड़ों निर्दोशों पर गोलियां चलाईं गई थी। देशवासियों को बाग के प्रति बड़ा लगाव है। यही वजह है कि देशभर से हजारों पर्यटक यहां घूमने आते हैं। लेकिन आप अभी यहां जाने का प्लान बना रहे हैं तो आपको फैसला बदल लेना चाहिए, नहीं तो निराश होकर लौटना पड़ सकता है।
दरअसल जलियांवाला बाग नरसंहार के 100 वर्ष पूरे होने से पहले बाग का सौंदर्यीकरण होगा। इसके लिए 20 करोड़ रुपए खर्च किए जाने है। इसलिए बाग को शनिवार 15 फरवरी से बंद कर दिया गया है। बाग के बाहर पुरातत्व विभाग ने बोर्ड लगाकर लोगों को सूचित कर दिया है। बाग 12 अप्रैल तक बंद रहने वाला है। इस समय दौरान बाग के मैंटिनेंस का काम पूरा किया जाएगा। दूसरी तरफ इस मामले में कोई अधिकारी बोलने के लिए तैयार नहीं है।
लोगों का कहना है कि जलियांवाला बाग इस पर्यटकों के लिए बंद करना गलत है। प्रशासन को इसे बंद करने की बजाए कोई दूसरा रास्ता निकालना चाहिए था। यहां आने वाले पर्यटकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। बता दें कि 13 अप्रैल 1919 को हुए नरसंहार में सैकड़ों लोगों की जान चली गईं थी। लोग अपनी जान बचाने के लिए कूएं तक में कूद गए थे।