
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा कर अपने टेस्ट करियर को विराम देने की जानकारी दी। शमी ने कहा कि भले ही वह सफेद जर्सी को अलविदा कह रहे हैं, लेकिन इससे जुड़ी यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी।
शमी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भावुक संदेश साझा करते हुए अपने संन्यास की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, "मैं सफेद जर्सी को अलविदा कह रहा हूं, लेकिन इससे जुड़ी यादों को कभी नहीं। जब पहली बार मैंने भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब मेरा एक ही सपना था-अपने देश के लिए कुछ करना। इसके बाद हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर वापसी ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया।"
उन्होंने आगे लिखा कि टेस्ट क्रिकेट उनके लिए महज एक प्रारूप नहीं, बल्कि जिंदगी का बेहद खास हिस्सा रहा है। आज भारी मन और अनगिनत खूबसूरत यादों के साथ मैं टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर रहा हूं।
इस सफर में मेरा साथ देने वाले हर साथी खिलाड़ी, कोच, परिवार और उन करोड़ों भारतीयों का दिल से शुक्रिया, जिन्होंने अच्छे और मुश्किल दोनों वक्त में मुझ पर भरोसा बनाए रखा।
बीसीसीआई और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) का भी दिल से आभार। उन्होंने मेरी प्रतिभा पर भरोसा किया, मुझे आगे बढ़ने के मौके दिए और मेरे क्रिकेट सफर में अहम भूमिका निभाई। आपका साथ और विश्वास मेरे लिए हमेशा खास रहेगा।
मैदान पर भले ही मेरी आखिरी टेस्ट गेंद फेंकी जा चुकी हो, लेकिन भारत के लिए खेलने का गर्व हमेशा मेरे दिल में जिंदा रहेगा।
धन्यवाद, टेस्ट क्रिकेट।
मोहम्मद शमी ने साल 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में टेस्ट डेब्यू किया था। अपने पहले ही मुकाबले में उन्होंने 9 विकेट लेकर शानदार शुरुआत की थी। इसके बाद वह करीब एक दशक तक भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के अहम सदस्य बने रहे।
शमी अपनी सटीक सीम पोजिशन और किसी भी पिच पर गेंद को स्विंग कराने की क्षमता के लिए पहचाने जाते रहे। उन्होंने टेस्ट करियर में छह बार पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2018 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रहा, जहां उन्होंने 56 रन देकर छह विकेट हासिल किए थे।