विश्वकप के खेलने के बाद भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी अमरोहा पहुंचे। यहां पर उन्होंने अपनी बीमार मां से मिलकर गले लगाया। वहीं, मीडिया से बात करते हुए विश्वकप में हारने की वजह भी बताई। आइए जानते हैं।
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का विश्वकप में यादगार सफर रहा है। विश्व कप फाइनल से पहले शमी की मां अंजुम आरा की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। विश्व कप खत्म होने के बाद शमी अपने घर लौटे और मां से मिले। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर मां के साथ तस्वीर शेयर की थी।
इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर सबका प्रदर्शन काफी अच्छा था। स्किल और आत्मविश्वास की कमी नहीं थी। मुझे लगता है कि एक बुरा दिन हो सकता है और वह कभी भी हो सकता है, वह दिन हमारा नहीं था।
पीएम साथ होते हैं तो आत्मविश्वास बढ़ता है: शमी
इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात पर भी उन्होंने जवाब दिया। मोहम्मद शमी ने कहा, "उस समय हम मैच हार चुके थे, ऐसे में जब प्रधानमंत्री आपको विश्वास देते हैं तो वह अलग ही पल होता है। यह बहुत जरूरी होता है, क्योंकि मनोबल गिर जाता है, तब अगर आपके पीएम साथ होते हैं तो आत्मविश्वास बढ़ता है।" शमी ने आगे कहा, कुल मिलाकर सबका प्रदर्शन काफी अच्छा था। स्किल और आत्मविश्वास की कमी नहीं थी। मुझे लगता है कि एक बुरा दिन हो सकता है और वह कभी भी हो सकता है, वह दिन हमारा नहीं था।"
मोहम्मद शमी ने इस टूर्नामेंट के 7 मैच खेले, जिसमें सबसे अधिक 24 विकेट झटके। शमी ने एक मैच में 7 विकेट लेने का सबसे बेस्ट प्रदर्शन रहा। शमी ने 3 बार 5 विकेट झटके। हालांकि, टीम इंडिया विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से 6 विकेट से हार गई।