अनूपपुर

प्राचार्यो की लापरवाही का खामियांजा भुगतेंगे 84 हजार छात्र, छात्रवृत्ति योजना में 1 लाख 37 हजार की सूची में 53 हजार छात्रों का प्रोफाइल हुआ अपडेट

प्राचार्यो की लापरवाही का खामियांजा भुगतेंगे 84 हजार छात्र, छात्रवृत्ति योजना में 1 लाख 37 हजार की सूची में 53 हजार छात्रों का प्रोफाइल हुआ अपडेट

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84 thousand students will suffer from the negligence of the principals
प्राचार्यो की लापरवाही का खामियांजा भुगतेंगे 84 हजार छात्र, छात्रवृत्ति योजना में 1 लाख 37 हजार की सूची में 53 हजार छात्रों का प्रोफाइल हुआ अपडेट

छात्रवृत्ति योजना से वंचित हो जाएंगे 84 हजार 385 छात्र, प्रशासन और शिक्षा विभाग बेखबर
अनूपपुर। जिले की शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत आदिवासी विभाग, जिला शिक्षा विभाग, सर्वशिक्षा अभियान तथा जिला पंचायत शिक्षा प्रकोष्ठ विभाग के बावजूद अनूपपुर जिले में ८४ हजार से अधिक छात्रों की छात्रवृत्ति योजना अधर में अटक सा गया है। स्कूल प्राचार्यो की लापरवाही के खामियांजे में कक्षा ६ और ९ वीं के ऐसे छात्रों को सायकल जैसी योजना का लाभ ही नहीं मिल पाएगा। जबकि शेष अन्य २९ योजनाओं में प्रदाय की जाने वाली छात्रवृत्ति सहायता राशि भी उनके खाते में आने से वंचित हो जाएंगी। पिछले तीन माह से लगातार तिथियों में फेर-बदल करते हुए शिक्षा संचालनालय ने पूर्व निर्धारित १५ सितम्बर की तिथि को बढ़ाते हुए अंतिम तिथि २० सितम्बर निर्धारित की थी। बावजूद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की सुस्ती में जिले के समस्त शासकीय व अशासकीय स्कूलों की कक्षा १ से १२ वीं पढऩे वाले विद्यार्थियों को दी जाने वाली शासकीय छात्रवृत्ति योजना लापरवाही की भेंट गई। १८७१ शासकीय व अशासकीय स्कूलों में अधिकांश प्राचार्यों ने बच्चों की जानकारी शिक्षा विभाग को भेजी ही नहीं। जिसके कारण वर्ष २०१८ के लिए निर्धारित किए गए १ लाख ४६ हजार ११ बच्चों में मात्र १ लाख ३७ हजार ६२६ बच्चों का नामांकन किया जा सका है, जबकि शासन की ऑनलाईन समग्र आईडी अपडेशन से जिले के ८ हजार ३८५ बच्चों का नामांकन छात्रवृत्ति योजना सूची में शामिल ही नहीं किया गया है। वहीं वर्तमान नामित छात्रों की सूची में मात्र ५३ हजार ५८१ बच्चों की सूची ही ऑनलाईन अपडेशन सम्भव हो सका है। जानकारी के अनुसार११६१ प्राथमिक, ३९३ माध्यमिक, सहित १३५ उच्च व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों सहित १९४ निजी विद्यालयों में १ से १२ वीं तक दर्ज कुल १ लाख ३२ हजार छात्र-छात्राएं है। जिसमें अबतक १ लाख ३७ हजार ६२६ छात्रों का नाम नामांकित सूची में दर्ज किया जा चुका है। शेष ८ हजार ३८५ छात्र वंचित हैं। जबकि जिलांतर्गत ४६ स्कूलों में डीडीओ (आहरण समवितरण अधिकारी) नियुक्त किए गए हैं। जिसमें लगभग सभी स्कूलों द्वारा कोरम पूरा नहीं किया गया है।
शासन ने बच्चों की आधार कार्ड पर दी गई जानकारी को अपडेशन करते हुए समग्र आईडी से लिंकेज किया जाना प्रस्तावित किया है। जिसमें समग्र आईडी ऑनलाईन से जुडऩे पर किसी भी स्कूली बच्चें की पात्रता पूरी जानकारी के साथ उपलब्ध हो जाएगी। इसके माध्यम से शासन उन्हें छात्रवृत्ति योजना के तहत २९ स्तरीय पर लाभ जैसे साथ गणवेश, सायकल योजना, पाठ्य पुस्तक सहित अन्य शासकीय योजनाओं की राशि को सीधे बच्चों के खाते में उपलब्ध करा देगी। ताकि किसी बच्चे के साथ पक्षपात या फिर स्कूली स्तर पर बरती जाने वाली लापरवाही में लाभ छूटने की गुजाईंश नहीं होगी। लेकिन इन मामले में प्राचार्यो की लापरवाही ने बच्चों की छात्रवृत्ति पर पानी फेर दिया है।
बॉक्स: सैकड़ाभर स्कूलों की जानकारी शून्य
जानकारियों में हाईस्कूल टिटही जैतहरी, दुधमनिया, रेउसा, नौगंवा, रोसरखार सहित हायर सेकेंड्री स्कूल गल्र्स राजनगर, पयारी, कन्या शिक्षा परिसर पुष्पराजगढ़, हाईस्कूल पोंडकी, लपटा, अमगवां, पुष्पराजगढ़ जैसे स्कूलों का छात्रवृत्ति स्कोर शून्य है। जबकि हायर सेकेंडरी स्कूल पडमनिया, खांटी, कोठी, लेढरा, बिलासपुर, राजेन्द्रग्राम, दमहेड़ी, भेजरी, अमरकंटक जैसे स्कूल के प्राचार्य ने १०-२० प्रतिशत की सूची तैयार की है। जबकि संकुर स्तर पर भाद, जमुना कॉलरी, निगवानी, बिजुरी, कोतमा सरीखे प्राचार्यो ने न्यूनतम छात्रवृत्ति सूची तैयार कर विभाग को भेजा है। शिक्षा विभाग का मनाना है कि कुल छात्रवृत्ति योजना का एक तिहाई वर्क ही पूरा हो सका है।
वर्सन:
इस सम्बंध में विभागीय स्तर पर जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई करती हूं। आखिर किस कारणों से स्कूलों से छात्रवृत्ति योजना की जानकारी नहीं भेजी गई है।
अनुग्रह पी, कलेक्टर अनूपपुर।

Published on:
03 Oct 2018 09:00 pm