
हर हैवी ब्लास्टिंग से जनजीवन हो रहा अस्त व्यस्त, ग्रामीणों की शिकायत पर अबतक नहीं कार्रवाई
अनूपपुर। एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र अंतर्गत आमाडांड खुली खदान पर हैवी ब्लास्टिंग कर प्रदूषण तो फैलाया ही जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को दम घोंटने वाली जिंदगी में बेहाल भी किया जा रहा है। जहां हर एक हैवी ब्लास्टिंग के उपरांत धूल की उठने वाली गुब्बार में आसपास का पूरा का पूरा गांव ढक जाता है। जिससे बचने ग्रामीण अपने घरों के भीतर कैद हो जाते या फिर ब्लास्टिंग के दौरान घर छोडक़र आसपास के स्थलों की ओर दौड़ लगा देते हैं। हैवी ब्लास्टिंग को लेकर ग्राम पंचायत के सरपंच सहित ग्रामीणों ने कॉलरी प्रबंधन तथा जिला प्रशासन को भी इसकी जानकारी देते हुए बंद कराने की अपील की थी, बावजूद आजतक कोई निराकरण नहीं हो सका। नियमानुसार कोयला उत्खनन के दौरान किए जा रहे ब्लास्टिंग में बारूद से ब्लास्टिंग करनी चाहिए थी,साथ ही जिस क्षेत्र में आबादी होगी उस क्षेत्र में कॉलरी द्वारा मफल ब्लास्टिंग का उपयोग किया जाता है। जिसमें ब्लास्टिंग के दौरान बोरी में रेत भरकर ब्लास्टिंग के जगह पर चारों ओर से उसे ढक कर ही ब्लास्टिंग की जाएगी। इससे उसकी इतनी कंपन ना हो कि आसपास का आबादी परेशान हो। लेकिन प्रबंधन इसका उपयोग ना करते हुए मनमाने ढंग से ब्लास्टिंग कर रहा है। इससे घरों सहित सरकारी भवनों में अब दरारें सीधी नजर आती है। आमाडांड में तो प्रबंधन के द्वारा की जा रही ब्लास्टिंग से महज 300 मीटर दूरी पर सरकारी भवन जिसमें आंगनबाड़ी केन्द्र का संचालन किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लास्टिंग इतनी जोरदार होती है कि घरों के छप्पर तक हिल जाते हैं। वह कई बार छप्पर भी गिर जाते हैं जिसकी शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाती।
वर्सन:
जहां ब्लास्टिंग की जाती है अब उस ब्लास्टिंग के ***** को कम करा दिया गया है। जिससे अब कम कंपन होगा वहीं ग्रामीणों को भी कम परेशानी होगी।
एसपी सिंह भाटी, सब एरिया मैनेजर आमाडांड ओसीपी
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