अनूपपुर

अवार्ड राशि पर शासन की आपत्ति: रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में प्रशासन की नई कसरत, कम अवार्ड राशि बनाने फिर से राजस्व भूमि का सीमांकन

अवार्ड राशि पर शासन की आपत्ति: रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में प्रशासन की नई कसरत, कम अवार्ड राशि बनाने फिर से राजस्व भूमि का सीमांकन

3 min read
Rule of governance on award amount: new work of administration in the
अवार्ड राशि पर शासन की आपत्ति: रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में प्रशासन की नई कसरत, कम अवार्ड राशि बनाने फिर से राजस्व भूमि का सीमांकन

अधिक बन रही अवार्ड राशियों को कम करने की होगी कवायद, शासन ने दुबारा प्रस्ताव भेजने दिए निर्देश
अनूपपुर। अनूपपुर रेलवे फाटक पर प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण को लेकर जिला प्रशासन की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। प्रशासन द्वारा पूर्व भेजे गए निजी भू-स्वामियों की चयनित सूची तथा उनमें बनने वाले अवार्ड राशि पर शासन ने आपत्ति जताते हुए राशि उपलब्धता से इंकार कर दिया है। जहां शासन द्वारा फिर से अवार्ड के लिए प्रस्ताव भेजे जाने के दिए निर्देश में अब जिला प्रशासन ने ओवरब्रिज निर्माण कराने को लेकर नई कसरत आरम्भ कर दी है। जिसमें जिला प्रशासन ने पुल निगम से कम से कम निजी भूमियों का अधिग्रहण करते हुए कम से कम अवार्ड राशि बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिग्रहण की सूची में शामिल लम्बे रकबा वाली भूमि से भी कम जमीन लेने के निर्देश दिए हैं। जिसपर पुल निगम शहडोल की टीम ने रेलवे फाटक के दोनों छोरों की प्रस्तावित भूमि का सीमांकन किया है। जिसमें पुल निगम अधिकारियों ने निजी भूमि की अधिक से अधिक छंटाई करते हुए राजस्व भूमि की ओर अधिक झुकाव बनाया है। बताया जाता है कि पुल निगम द्वारा तैयार किए गए संसोधित डिजाईन जमीनी परिमाप की रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी, जिसमें भी उन सीमांकन में बन रही अवार्ड राशियों सहित कुछ और संशोधन की प्रक्रिया में दिशा निर्देश जारी होंगे। फिलहाल पुल निगम प्रथम चरण में प्रशासन की नई कसरत में पूर्व चयनित भूमि में कम से कम अवार्ड राशि बनाने की प्रक्रिया में जुटी है। पुल निगम अधिकारियों का कहना है कि पूर्व चयनित २२ भू-प्रभावित परिवारों की भेजी गई अवार्ड राशि की सूची तथा उनमें बनने वाले लगभग १० करोड़ की राशि पर शासन ने आपत्ति जताते हुए इतनी अधिक राशि देने से इंकार कर दिया है। शासन का कहन है कि पुल निर्माण से अधिक अवार्ड राशि बन रही है। इतनी अधिक राशि शासन अवार्ड के रूप में प्रदाय नहीं कर सकती। बताया जाता है कि इससे पूर्व ओवरब्रिज निर्माण को लेकर प्रशासन ने २६ प्रभावित भू-स्वामियों की सूची से २२ प्रभावितों को अवार्ड राशि के लिए चयनित करते हुए सूची शासन के पास भेजी थी। जिसमें प्रभावित होने वाले रकबों में लगभग १० करोड़ की अवार्ड राशि का आंकड़ा बैठा। शासन ने इसपर आपत्ति जताते हुए ओवरब्रिज निर्माण के लिए आवंटित कराई गई ९.८८ करोड़ राशि के बराबर बताया और दो टूक में कहा इतनी मोटी रकम अवार्ड राशि के लिए आवंटन नहीं हो सकता। पुन: संसोधित अवार्ड राशि के लिए सूची भेजे।
दरअसल वर्षो से रेलवे ओवरब्रिज की मांग में वर्ष २०१६ के दौरान शासन द्वारा जिला प्रशासन के प्रस्तावित मांग पर ९० फीट चौड़ी ओवरब्रिज निर्माण के लिए ११७० लाख की राशि आवंटित करते हुए ६१२ मीटर लम्बी फ्लाईओवर निर्माण को हरी झंडी दी थी। जिसमें ५५ मीटर लम्बी पटरियों के उपर ओवरब्रिज का निर्माण रेलवे द्वारा कराया जाना प्रस्तावित रखा गया। निर्माण में १२ मीटर चौड़ी पुल के साथ साथ ७ मीटर दोनों साईड सर्विस लाईन और १.५ मीटर की नाली का प्रस्ताव शामिल था। लेकिन इन दायरे में आने वाले २६ परिवारों ने अपनी निजी जमीन बताते हुए निर्माण पर आपत्ति उठाई। जिसके बाद पुन: प्रशासन ने २२ मीटर चौड़ी ओवरब्रिज निर्माण की योजना पर हरी झंडी दे दी। इसमें १२ मीटर चौड़ी पुल के साथ ५-५ मीटर सर्विस लाईन का निर्माण कराया जाएगा, जिसमें एक मीटर चौड़ी नाला निर्माण का कार्य भी शामिल होगा।
बॉक्स: रेलवे निर्माण में कर रही आनाकानी
एक ओर जिला प्रशासन द्वारा रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को लेकर नई-नई कवायद कर रही है। वहीं ओवरब्रिज निर्माण को लेकर रेलवे प्रशासन द्वारा आनाकानी की जा रही है। बताया जाता है कि रेलवे पटरी के बीच बनने वाली पुल निर्माण के लिए भी रेलवे पुल निगम के उपर जिम्मेदारी सौंप रही है। जिससे लेकर पुल निगम उफापोह की स्थिति में बनी हुई है।
वर्सन:
अभी जिला प्रशासन द्वारा नए सिर से सीमांकन के निर्देश दिए गए हैं। इनमें पुल निर्माण के लिए रेलवे की जमीन और निजी भूमि का सीमांकन किया जा रहा है। रेलवे से ओवरब्रिज निर्माण के लिए प्रशासनिक टीम बिलासपुर जाएगी, जहां आगे की कार्ययोजनाएं तैयार की जाएगी।
प्रदीप सिंह बघेल, एसडीओ पुल निगम शहडोल

Published on:
19 Aug 2018 08:11 pm