
eow trap phe executive engineer taking bribe, प्रभारी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एके शाह को EOW ने रिश्वत लेते पकड़ा (Source- Patrika)
Anuppur EOW Trap Executive Engineer: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त और EOW रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला अनूपपुर जिले का है जहां PHE (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) विभाग के प्रभारी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर(कार्यपालन यंत्री) को EOW (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) रीवा की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
अनूपपुर में पीएचई विभाग में पदस्थ प्रभारी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एके शाह के खिलाफ बाणसागर कॉलोनी रीवा के रहने वाले रामाश्रय यादव ने EOW कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी आरजीए कंस्ट्रक्शन ने कोरोना काल के दौरान 2020-2021 में अनूपपुर में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने, घर-घर नल कनेक्शन देने तथा अन्य कार्यों का ठेका दिया गया था। कंपनी द्वारा कार्य पूर्ण किए जाने के बाद अंतिम भुगतान, सिक्योरिटी डिपॉजिट और एफडीआर की राशि जारी होना शेष था। जब वो इस राशि को जारी कराने के लिए प्रभारी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एके शाह से मिले तो उन्होंने 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग की।
अपनी शिकायत में फरियादी रामाश्रय यादव ने बताया कि उन्हें करीब 14 लाख रुपये का अंतिम देयक, 7 लाख रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट तथा लगभग 4 लाख रुपये की एफडीआर राशि जारी होनी थी। रिश्वतखोर प्रभारी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एके शाह उनसे रिश्वत के रूप में 1.5 लाख रुपये पहले ही ले चुका था और बाकी पैसों के लिए दबाव बना रहा था। EOW की टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर रिश्वतखोर अधिकारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
EOW की टीम ने शुक्रवार को फरियादी रामाश्रय यादव को रिश्वत के 30 हजार रुपये देने के लिए रिश्वतखोर प्रभारी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एके शाह के पास भेजा। रिश्वतखोर ने पैसे देने के लिए फरियादी को अपने स्मार्ट सिटी स्थित निजी निवास पर बुलाया और वहां पर जैसे ही रिश्वत के 30 हजार रुपये लिए तो EOW की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि रिश्वत के लेन-देन में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही। घटना के बाद पीएचई विभाग सहित जिले के प्रशासनिक हलकों में चर्चा का माहौल है।
Updated on:
19 Jun 2026, 6:27 PM IST
Published on:
19 Jun 2026, 6:27 PM IST
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