सडक़ों तक पसरा दुकानों का दायरा, बार बार लग रही जाम में हो सकता है बड़ा हादसा
हर घंटे लग रहा बड़ा जाम, बस स्टैंड में भी नहीं बसों के ठहरने की पर्याप्त सुविधा
अनूपपुर। जिला मुख्यालय में इन दिनों यातायात व्यवस्था बेलगाम होती चली जा रही है। जहां एक ओर अनूपपुर-जैतहरी मार्ग पर हजारो गड्ढों तथा सडक़ निर्माण एजेंसी की लापरवाही में दलदल बनी सडक़ पर रोजना भारी वाहनों की घंटों जाम लग रही है। वहीं कोतवाली-सामतपुर मुख्य मार्ग तक दुकानों का पसरा दायरा ने सकरी मार्ग को जाम की स्थिति में ला खड़ा किया है। जिसके कारण हर घंटे बसों की आवाजाही तथा सडक़ खड़े बेतरतीब वाहनों की भीड़ में बड़ा जाम लग रहा है। कोतवाली थाना से १०० मीटर की दूरी में बनी मुख्य बस स्टैंड किसी हादसे की स्थली बन गई। मानो मौत मुंह बाये खड़ी है। लेकिन व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने वाली विभाग का चौराहें तो क्या जाम वाली स्थलों पर भी अता पता नहीं होता। जबकि अनूपपुर मुख्यालय के कारण यहां प्रतिदिन आधा सैकड़ा बसों का शहडोल, कोतमा, जैतहरी, राजनगर, बिजुरी, राजेन्द्रग्राम, डिंडौरी, सहित आसपास के नगरीय क्षेत्रों में आवाजाही बनी रहती है। लेकिन वर्तमान बस स्टैंड रोजाना आती जाती वाहनों के अनुकूल पर्याप्त सुविधाजनक नहीं है। जहां घंटे में कई बार जाम लगते है। बताया जाता है कि यहा बस ऑपरेटर अपना नम्बर लगाने के चक्कर में एक के बाद एक बसों की पीछे निकासी करने लगते हैं। वहीं मुख्य मार्ग तक दुकानों व आवासीय परिसरों के पसरे दायरे के कारण एक साथ दो वाहनों की आवाजाही नहीं बनती। जिसे देखते हुए पूर्व में यातायात पुलिस विभाग ने जिला प्रशासन से बस स्टैंड को वर्तमान स्टैंड से हटाते हुए नए निर्माणाधीन बस स्टैंड में शिफ्ट कराने की अपील की थी। लेकिन यहां भी जिला प्रशासन ने उपेक्षित रवैया अपनाते हुए करोड़ रूपए की बनी अधूरी बस स्टैंड को पूर्ण कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। आलम यह है कि बढते ट्रफिक दबाव में इस मार्ग पर रोजाना वाहनों की लम्बी कतार जाम के रूप में खड़ी हो रही है।
वर्सन:
पूर्व में हमने जिला प्रशासन से बस स्टैंड के स्थानांतरण के लिए पत्र लिखा था। सडक़ सुरक्षा समिति में भी प्रस्ताव रखे गए थे। लेकिन अबतक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बसों के साथ अतिक्रमण के कारण जाम की स्थिति बन रही है।
बिजेन्द्र मिश्रा, यातायात प्रभारी अनूपपुर।