अनूपपुर

शांति समिति से गायब हुआ सुरक्षा का मुद्दा: दुर्गोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी वाहन से सुरक्षा में प्रशासन ने नहीं जारी किए कोई निर्देश

शांति समिति से गायब हुआ सुरक्षा का मुद्दा: दुर्गोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी वाहन से सुरक्षा में प्रशासन ने नहीं जारी किए कोई निर्देश

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शांति समिति से गायब हुआ सुरक्षा का मुद्दा: दुर्गोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी वाहन से सुरक्षा में प्रशासन ने नहीं जारी किए कोई निर्देश

शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाके से गुजरेंगे भारी वाहन, नगर के मुख्य बस स्टैंड से बसों का होगा परिचालन
अनूपपुर। शक्ति की उपासना का महापर्व शारदेय नवरात्रि का त्यौहार आरम्भ हो गया है, नगर सहित ग्रामीण अचंलों में सैकड़ो की तादाद में पूजा पंडाल स्थापित कर माता की विशेष पूजा अर्चना की जा रही है। नवरात्र के समय सडक़ पर उतरने वाले हजारों भक्तों की भीड़ तथा सामान्य यातायात व्यवस्था के लिए प्रशासनिक स्तर पर शांति समिति की बैठक आयोजित कर कर कुछ दिशा-निर्देश तय किए जाते हैं। लेकिन इस वर्ष प्रशासनिक स्तर पर माता के भक्तों की सुरक्षा में अनदेखी कर दी गई है। जिला मुख्यालय अनूपपुर की सुरक्षा में जिला स्तरीय शांति समिति से लेकर अनुविभागीय स्तर पर आयोजित शांति समिति की बैठक में सुरक्षा जैसे मुद्दे ही गायब हो गए। दुर्गोत्सव के दौरान सडक़ पर उतरने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा में प्रशासन द्वारा भारी वाहनों व उसके परिचालन से सम्बंधित कोई भी दिशा निर्देश जारी नहीं किए है। जिसके कारण अनूपपुर नगर में जहां दशहरा पर्व के समय बसों का प्रवेश दिन-रात बना रहेगा। वहीं अनूपपुर-जैतहरी मुख्य मार्ग पर भी भारी कैप्सूल व ट्रक जैसे भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहेगी। जबकि पूर्व जिला प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में नगर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों से भारी वाहनों को दूर रखने पर कार्य किए गए थे। जिसमें दशहरा समाप्ति तक नगर में बसों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर वैकल्पिक रूप में नवनिर्माणाधीन बस स्टैंड से संचालित कराने तथा नगर के मुख्य मार्गो पर दिन के समय भारी वाहनों के प्रवेश को रोकते हुए रात १० बजे रात के बाद आवाजाही करने के आदेश जारी किए जाते रहे हैं। लेकिन इस बार इन मामलों में प्रशासनिक पदाधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।
उल्लेखनीय है कि अनूपपुर बस स्टैंड से कोतमा, शहडोल, राजेन्द्रग्राम, जैतहरी, बिजुरी सहित अन्य मार्गो के लिए रोजाना आधा सैकड़ा से अधिक बसों का परिचालन होता है, जो अत्याधिक भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में स्थापित है। वैसे भी दशकों पूर्व बनी बस स्टैंड परिसर वर्तमान बसों के परिचालन में अपर्याप्त साबित हो रही है। वहीं मुख्य स्टैंड के आसपास आधा दर्जन दुर्गा पूजा पंडाल बनाए गए हैं। जबकि अमरकंटक तिराहा से जैतहरी मार्ग पर तीन-चार स्थानों पर सडक़ किनारे पूजा पंडाल स्थापित किए गए हैं। इन दोनों ही मुख्य मार्ग पर शाम के समय महाआरती कार्यक्रम में शामिल होने हजारों की तादाद में नगरवासी शामिल होते हैं। नगरवासियों का कहना है कि अगर बसों का परिचालन तत्काल नए बस स्टैंड में स्थानांतरित नहीं किया जाता है तो इससे किसी अप्रिय घटना की सम्भावना बनी रहेगी।
बॉक्स: पुलिस ने झाड़ा पल्ला, कहा प्रशासन जारी करें निर्देश
जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में प्रशासन ने इन मुद्दों पर जहां ध्यान नहीं दिया, वहीं अनुविभागीय स्तर पर आयोजित शांति समिति की कोतवाली परिसर की बैठक में प्रशासनिक अधिकारी ही गायब नजर आए। मीडिया द्वारा दोनों मार्ग पर बनने वाली अव्यवस्था तथा भारी वाहनों के निरंतर प्रवेश पर पूछे गए सवाल में पुलिस ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा प्रशासनिक स्तर पर निर्देश जारी हो तो पुलिस अमल कराएं। फिलहाल नवरात्रि के दौरान भक्तों की सुरक्षा में बनी खामियों को लेकर नगरवासी और पूजा समिति परेशान नजर आ रहे हैं।
वर्सन:
फिलहाल अनूपपुर-जैतहरी मार्ग पर रात ९ बजे तक भारी वाहनों का प्रवेश रोका गया है, लेकिन दशहरा तक रात १० तक करवा दिया जाएगा। बस स्टैंड के वैकल्पिक स्थानांतरण के लिए पुलिस अधीक्षक सहित अन्य से चर्चा कर व्यवस्था बनवाती हूं।
अनुग्रह पी, कलेक्टर अनूपपुर।

Published on:
15 Oct 2018 08:34 pm
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