प्रध्यापकों के अभाव में अधूरे कोर्स
कोतमा. शासकीय कॉलेज कोतमा में पढऩे वाले लगभग १२ सैकड़ा छात्र-छात्राओं को असुविधाओं के बीच शिक्षा ग्रहण करने को विवश है, जहां न तो पीने के लिए शुद्ध पानी की सुविधा है और ना ही विद्यार्थियों के लिए साफ-सुथरे शौचालय परिसर। यहां तक प्राध्यापकों की कमी में छात्रों की शैक्षणिक कोर्सस भी अधूरी रह गई है।
छात्रों का कहना है कि कॉलेज में पदस्थ अधिकांश प्राध्यापक और अतिथि शिक्षक कॉलेज ही नहीं आते। जबकि पानी के लिए उपलब्ध कराए गए वॉटर कुलर मशीन गंदगी के कारण बेकार पडा है। कोतमा कॉलेज की समस्याओं को लेकर लगातार छात्र-छात्राओं द्वारा विरोध जताते हुए ज्ञापन भी सौंपा गया था। वहीं छात्रों के समर्थन में स्थानीय विधायक तथा नगरपालिका पूर्व अध्यक्ष राजेश सोनी द्वारा भी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के दिशा-निर्देश दिए गए थे। लेकिन आलम जनप्रतिनिधियों की अपीलो को कॉलेज प्रशासन ने दरकिनार कर दिया।
छात्रों के अनुसार पीने के पानी टंकी में कचरा भरा हुआ, जहां खुले ढक्कन के कारण छोटे-छोटे कीट मकोड़े गिरकर पानी को दूषित कर दिया है। सुविधाघर कक्ष गंदगी से अटी पड़ी है। छात्रों के लिए शासकीय मद से आवंटित पुस्तके कबाड़ की भांति कक्ष के कोने में भंडारित है।
जबकि कॉलेज परिसर में प्राध्यपको और कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज के लिए थम्म इंप्रेशन बायोमेट्रिक मशीन लगी हुई है। बावजूद कॉलेज से प्राध्यापक सहित कर्मचारियों का कहीं अता पता नहीं रहता। कॉलेज के प्राचार्य बीके सोनवानी का कहना है कि यह बात सही है कि समय पर कुछ कर्मचारी नहीं आते हैं, जिन्हें निर्देशित किया गया है। साफ-सफाइर्अ की व्यवस्था की जा रही है और पानी टंकी को बदला जाएगा।
इनका कहना है
कोतमा कॉलेज के जनभागीदारी के अध्यक्ष राजेश सोनी के मुताबिक कॉलेज की समस्याओं को लेकर कई बार छात्र संगठनों द्वारा शिकायत की जा चुकी है। साथ ही प्राचार्य को निर्देश भी दिए जा चुके हैं। अगर समय पर कॉलेज के कर्मचारी नहीं आ रहे है तो कार्रवाई की जाएगी।