mp news: अनूपपुर में जर्जर स्कूल की छत गिरने के बाद शिक्षिका लीलावती ने खुद का घर क्लासरूम बना डाला, विभाग खामोश, एक साल से नहीं हुई कोई वैकल्पिक व्यवस्था। (teacher turns home into school)
mp news: प्रदेश की जर्जर स्कूलों में पढ़ रहे नौनिहालों की असुरक्षा के बीच एक सुखद तस्वीर सामने आई है। स्कूल शिक्षा विभाग जहां जर्जर भवनों को लेकर बेपरवाह बना हुआ है, वहीं अनूपपुर जिले में शिक्षिका लीलावती ने नजीर पेश की। एक साल से जर्जर प्राथमिक विद्यालय बरटोला के भवन में 2024 में छत और दीवार से प्लास्टर गिरा तो शिक्षिका ने सीनियर अफसरों को सूचना देकर घर के एक कमरे को स्कूल में तब्दील कर दिया। वे अगस्त 2024 से 5वीं के 21 बच्चों को पढ़ा रही हैं। हद यह है कि एक साल से विभाग ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। (teacher turns home into school)
स्कूल शिक्षिका के घर तो मध्याह्न भोजन जर्जर स्कूल में भी बन रहा है। शिक्षिका लीलावती ने बताया, बीआरसी के निर्देश पर घर से स्कूल चला रही हैं। जिला स्तर तक अफसरों को जानकारी दी पर कोई व्यवस्था नहीं हुई। अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने कहा कि गांव में यदि वैकल्पिक भवन नहीं है तो नए भवन निर्माण के लिए डीएमएफ मद से राशि स्वीकृत कर नया बनवाएंगे।
2024 में स्कूल की दीवार और छत से प्लास्टर गिरने लगा। शिक्षिका लीलावती ने विभाग को सूचना दी। विभाग ने व्यवस्था नहीं की तो अफसरों के निर्देश पर वे घर से ही स्कूल चलाने लगीं। एक कमरे में बच्चे तो पढ़ रहे हैं, लेकिन यहां कुछ दिक्कत भी है। स्कूल में कक्षा ५वीं तक २९ विद्यार्थी हैं। इतने बच्चों को एक कमरे में बैठाना मुश्किल हो रहा है। साथ ही शौचालय का इंतजाम भी नहीं है।