पांच समितियों का होगा गठन, चयनित जिला पंचायत सदस्यों के बीच सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
अनूपपुर। जिला पंचायत अनूपपुर में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के बाद अब जिला पंचायत स्थायी समिति चयन के लिए प्रथम सम्मिलन का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए ८ अगस्त की तारीख निर्धारित की गई है। यहां पांच स्थायी समितियों के गठन में एक बार फिर राजनीतिक पार्टियों से समर्थित होकर चयनित हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अपनी राजनीति का शंतरंजी दाव आजमाएंगे। जिसमें हर समिति के गठन में सदस्यों के लिए काफी उठापटक रहेगी। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अधिक से अधिक अपने सदस्यों को पद की जिम्मेदारी सौंप अपना वर्चस्व कायम का प्रयास करेंगे। फिलहाल सोमवार को जिला पंचायत परिसर में नगर निकाय चुनाव से पूर्व स्थायी समिति के गठन में राजनीति का तिकरम चलेगा। उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत अनूपपुर में ११ वार्ड है। जिसमें पूर्व में हुए चनाव और जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए सम्मिलन में अध्यक्ष पर कांग्रेस की प्रीति रमेश सिंह और उपाध्यक्ष पर भाजपा समर्थित पार्वत राठौर चयनित हुई थी। यहां भाजपा के अधिक विश्वासपात्र में रूप में लाए गए विजयी जनपद पंचायत सदस्यों के बाद भी अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा को हार मिली थी। जबकि कांग्रेस की ओर से अधिक बहुमत साबित कर अध्यक्ष चयनित के बाद उपाध्यक्ष में कांग्रेस की हार हो गई थी। यानी अंदरूनी उठापटक में यहीं राजनीति फिर यहां स्थायी समिति के गठन में भी बनेगी।
क्या है जिला पंचायत स्थायी समितियां, कितने सदस्य अनिवार्य
पंचायत समिति तहसील (तालुक) के रूप में भारत में सरकार की स्थानीय इकाई होती है। यह उस तहसील के सभी गांवों पर सामान रूप से कार्य करता है और इसको प्रशासनिक ब्लॉक भी कहते हैं। यह ग्राम पंचायत और जिला परिषद के मध्य की कड़ी होती है। पंचायत समिति, ग्राम पंचायत स्तर की ओर से तैयार किए गए सभी भावी योजनाओं को संग्रहित करती है और उनका वित्तीय प्रतिबद्धता, समाज कल्याण और क्षेत्र विकास को ध्यान में रखते हुए लागू करवाती है। साथ ही वित्त पोषण के लिए उनका क्रियान्वयन करती है। इनमें सामान्य प्रशासन समिति के सदस्य स्थायी समिति के सभापति होंगे। जिला पंचायत के सामान्य प्रशासन समिति, कृषि समिति, शिक्षा समिति, संचार संकर्म एवं निर्माण समिति, सहकारिता और उद्योग समिति, स्वास्थ्य और महिला बाल कल्याण समिति, शिक्षा समिति का गठन किया जाता है। इस समिति का चुनाव पांच वर्षों के लिए होता है और इसके अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष का चुनाव में चुने हुए सदस्य मिलकर करते हैं। यहां सदस्यों के अनुसार समिति का गठन होता है। प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक समिति के गठन में ५ सदस्य होना अनिवार्य है। यहां चयन होकर आए सभी जिला पंचायत सदस्य किसी न किसी समिति के सम्मिलित होते हैं। अध्यक्ष सामान्य प्रशासन समिति के सभापति के अलावा अन्य किसी समिति के सदस्य नहीं होंगे। जबकि उपाध्यक्ष शिक्षा समिति के पदेन सभापित और सामान्य प्रशासन के मेंबर के अलावा अन्य किसी में सदस्य नहीं होंगे।
बॉक्स: सम्मिलन में टला ८ अगस्त का नगर पालिका सम्मिलन, अब १० व १२ को
जिला पंचायत के स्थायी समिति के गठन के बिना प्रशासनिक स्तर पर अनूपपुर, पसान, अमरकंटक सहित तीन नवीन नगर पंचायतों के लिए निर्धारित की गई सम्मिलन की तिथियों में अब ८ अगस्त को नगरपालिका पसान व नगर पंचायत डोला के लिए प्रस्तावित सम्मिलन आगामी तिथि के लिए बढ़ा दी गई है। इसके साथ अन्य सभी नगरपालिका और नगर पंचायत का सम्मिलन १० अगस्त और १२ अगस्त को कराया जाएगा।
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