अमरकंटक में उमड़ी भक्तों की भीड़, जगह जगह भंडारे का भी आयोजन
अनूपपुर। सावन सोमवार को जलाभिषेक की परंपरा में 8 अगस्त को श्रावण मास के अंतिम सोमवार होने पर भक्तों की भीड़ जलाभिषेक के लिए शिवालयों में उमड़ी। जहां सुबह से शाम तक शिवालायों में भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए फूल बेलपत्र तथा धतूरे एवं दूध-जल अर्पित करते हुए भगवान की आराधना की गई और सुख समृद्धि की कामना की गई। इस दौरान अनूपपुर जिला मुख्यालय के तिपान नदी स्थित साईंमंदिर, हनुमान मंदिर, शिवमंदिर, देवी माता मढिया मंदिर, शिव चौराहा स्थित शिवमंदिर, सामतपुर स्थित शिव मारूति मंदिर के साथ जैतहरी के अनेक शिवालायों, कोतमा, पसान, बदरा, बिजुरी के हनुमान मंदिर, शिवमंदिर सहित राजेन्द्रग्राम के विभिन्न स्थानों में शिवालयों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ दिनभर पूजा-अर्चना के लिए उमड़ी रही। इसके साथ ही मंदिर समितियों एवं आम श्रद्धालुओं की ओर से विभिन्न स्थानों पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। रामजानकी मंदिर के पुजारी पंडित नरेन्द्र तिवारी बताते हैं कि इस बार सावन मास में चार सोमवारी पड़े। ११ अगस्त को पूर्णमासी के साथ रक्षाबंधन का पावन पर्व पड़ेगा। जिसके बाद भाद्र मास की शुरूआत होगी। जिसके कारण सोमवार ८ को अंतिम सोमवारी या जलहरी कहा जा सकता है।
अमरकंटक में नर्मदा मंदिर में पूजा अर्चन के लिए लगी लम्बी कतार, पवित्र घाटों पर भक्तों ने किया स्नान
पवित्र नगरी अमरकंटक में श्रावण मास के अंतिम सोमवार को भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने एवं मां नर्मदा की पूजा अर्चना करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचे। जिसके कारण लगभग 1 किलोमीटर लंबी लाइन मंदिर में दर्शन के लिए लगी रही। इसके साथ ही नर्मदा तीर्थकोटिस सरोवर व रामघाट में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। वहीं अंतिम सोमवार के कारण सुबह से ही कांवडिय़ों का जत्था भी कांवड़ में जल भरकर जालेश्वर महादेव को अर्पित करने के लिए पहुंचा। यहां कावडिय़ों ने नर्मदा जलभर कर जालेश्वर महादेव मंदिर की ओर रवानगी भरी। जबकि कुछ कांवडिय़ों ने दोपहर के बाद वापसी कर फिर से नर्मदा जल भरकर कर्वधा और भोरम बाबा महादेव धाम की ओर रवाना हुए। जबकि अमरेश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए यहां स्थापित शिवलिंग के दर्शन करने के लिए पहुंचे।
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