अनूपपुर

ये कैसी लापरवाही: सडक़ सुरक्षा की अनदेखी, ठेकेदार ने बिना अनुमति सडक़ के खोद किए किनारा

ये कैसी लापरवाही: सडक़ सुरक्षा की अनदेखी, ठेकेदार ने बिना अनुमति सडक़ के खोद किए किनारा

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ये कैसी लापरवाही: सडक़ सुरक्षा की अनदेखी, ठेकेदार ने बिना अनुमति सडक़ के खोद किए किनारा

पीडब्ल्यूडी ने आपत्ति जताकर दी कार्रवाई की चेतावनी, नगरपालिका ने जगह की कमी की बात ठेकेदार का लिया पक्ष
अनूपपुर। नगरपालिका अनूपपुर में जलप्रदाय योजना के तहत नगरीय क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए बिछाई जा रही पाईपलाईन में प्रशासन की अनदेखी में ठेकेदार ने नियमों की अनदेखी कर सडक़ के किनारे मौत के गड्ढे खोद दिए। जहां बारिश के दौरान सोल्डर के धंसने तथा उपर से गुजरने वाली भारी वाहनों के कभी भी फिसलकर गड्ढे में फंसकर हादसों का कारण बनेगी। सडक़ पर बढऩे वाले हादसों को लेकर पूर्व में शासन ने सडक़ किनारों की खुदाई पर रोक लगाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बावजूद जिला प्रशासन के आंखों के सामने मुख्य मार्ग सामतपुर-कोतमा मार्ग पर सडक़ किनारे लगभग दो किलोमीटर लम्बे गड्ढे की खुदाई हो गई। जेसीबी मशीन से ४.८७ करोड़ की लागत से बनी मॉडल सडक़ की बेस तथा ३५ लाख की लागत से बनी डामरीकृत सडक़ के सोल्डर की खुदाई पर किसी अधिकारी की नजर नहीं जा रही है। यहां तक सडक़ की संरक्षिका रही पीडब्ल्यूडी विभाग से भी खुदाई के लिए ठेकेदार ने अनुमति नहीं ली। जबकि मामले में खुद नगरपालिका ने जलप्रदाय योजना के पूर्व से ही विलम्बता पर जल्द कार्य निपटारे में इस असुरक्षित खुदाई पर पल्ला झाड़ जमीन की कमी बताकर ठेकेदार से सडक़ की मरम्मती की बात कही। लेकिन पिछले तीन दिनों से सडक़ किनारे हो रही खुदाई के बाद भी अबतक न तो पीडब्ल्यूडी विभाग या नगरपालिका सहित जिला प्रशासन ही पहुंच कारणों की पूछताछ की। विदित हो कि नगरपालिक ने ३१ जुलाई तक जलप्रदाय योजना के तहत फिल्टर प्लांट से नगरीय क्षेत्र के वार्डो में जलापूर्ति कराने पाईपलाईन बिछाने के निर्देश दिए हैं। जिसके अल्टीमेटम में अबतक सुस्त कार्य रही जलप्रदाय योजना के ठेकेदार ने आनन फानन में सडक़ के किनारे की सोल्डर को ही क्षतिग्रस्त करते हुए पाईपलाईन बिछाना आरम्भ कर दिया।
पीडब्ल्यूडी विभाग के अनुसार अनूपपुर-जैतपुर मार्ग के तहत कोतवाली तिराहा से सांधा मोड तक लगभग ६ किलोमीटर की सडक़ पीडब्ल्यूडी विभाग अनूपपुर की मानी जाती है। जिसमें वर्ष २०१५ के दौरान मॉडल सडक़ निर्माण में प्रशासन ने लगभग १४०० मीटर की सडक़ पीडब्ल्यूडी विभाग से लेकर नगरपालिका को सौंप दी। लेकिन शेष सडक़ आज भी पीडब्ल्यूडी के क्षेत्राधिकार में आता है। इसमें पीडब्ल्यूडी ने वर्ष २०१६ में ३५ लाख की लागत से सामतपुर तिराहा से ढाबा तक लगभग ५०० मीटर लम्बी डामरीकृत सडक़ का निर्माण कराया था। लेकिन नगरपालिका सहित ठेकेदार ने पीडब्ल्यूडी विभाग से बिना अनुमति लिए सडक़ के किनारे को दो किलोमीटर लम्बी दूरी तक खोद दिया। जबकि मॉडल सडक़ की बेस पूर्व से गुणवत्ता को लेकर विवादों में रही है।
बॉक्स: शासन के आदेशों की नहीं परवाह
पूर्व में सडक़ पर होने वाले हादसों को देखते हुए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत शासन ने आदेश जारी किए थे कि सडक़ के किनारों (सोल्डर)की खुदाई नहीं होगी। निर्माण कार्य के दौरान सडक़ के किनारों से लगभग ७-८ फीट दूर ही निर्माण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश हैं। यहीं कारण है कि इससे पूर्व खुद नगरपालिका द्वारा बिछाई जा रही पाईनलाईन में एमपीआरडी सडक़ के किनारे खुदाई करने पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने ठेकेदार की जेसीबी मशीन को जब्त करते हुए ६५ हजार रूपए का जुर्माना लगाया था।
बॉक्स: कलेक्टर कार्यालय की सम्पत्ति भी धराशायी
पाईप लाईन डालने के दौरान जेसीबी मशीन के पंजे में कलेक्ट्रेट कार्यालय प्रवेश द्वारा लगी राजस्थानी लाल पत्थर की शिलालेख को भी धराशायी कर दिया गया। हालात यह है कि सरकारी सम्पत्ति को नुकसान के बाद भी कलेक्टर ने इस सम्बंध में कोई पूछताछ या शिकायत दर्ज नहीं कराई।
वर्सन:
शिलालेख को टूटा देखा है। फिलहाल वे सडक़ के किनारे की खुदाई कर पाईपलाईन डाल रहे है तो मामले को देखकर आगे की कार्रवाई करवाती हूं।
अनुग्रह पी, कलेक्टर अनूपपुर।

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Published on:
11 Jul 2018 08:31 pm
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