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कलेकटर कार्यालय के पास मजदूरों ने डाला डेरा

2.8 लाख मजदूरी भुगतान की कर रहे मांग

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Workers camped near collector's office

कलेकटर कार्यालय के पास मजदूरों ने डाला डेरा

अनूपपुर. वन परिक्षेत्र बिजुरी में पौधारोपण के लिए वनविभाग अधिकारियों द्वारा खुदवाए गए गड्ढों तथा विभाग द्वारा अबतक उनके भुगतान नहीं किए जाने से पैसे के लिए परेशान दर्जनभर मजदूरों व उनके परिवारों ने कलेक्टर कार्यालय के दीवाल से सटे स्थल पर ही अपना आशियाना जमा दिया है।
जहां मजदूर व उनका परिवार खाना पकाने सहित सोने व रहने का कार्य कर रहे हैं। वनविभाग के जवान मजदूरों को हटाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मजदूर बिना भुगतान हटने को तैयार नहीं है। मजदूरों द्वारा यह आशियाना पिछले तीन दिनों से डाला हुआ है। लेकिन आश्चर्य आजतक किसी अधिकारी ने उनकी समस्याओं को पूछने सहित समाधान करने की पहल नहीं की है।
यहां तक कलेक्टर कार्यालय की दीवार से सटे परिवारों की परेशानियों से खुद भी अंजान बनी हुई है। हालांकि 7 जुलाई को मजदूरों ने कलेक्टर के नाम शिकायत पत्र सौंपकर 2 लाख 8 हजार रूपए भुगतान दिलाने की अपील की थी। लेकिन तीन दिनों के बाद भी परिवारों को भुगतान नहीं मिल पाया है। बताया जाता है कि ग्राम गूंडा जिला कटनी के 12 मजदूरों को कंधवाटोला बिजुरी रेंज में पौधारोपण के गड्ढों की खुदाई के काम पर लगाया गया था, जहां 5 जूून से लगातार एक माह तक गड्ढों की खुदाई का कार्य कराया गया। इसमें मजदूरो ने 45-45 इंच के कुल 11721 गड्ढों की खुदाई की। विनय पांडेय नाकेदार ने कहा था कि जो बाउचर में में रेट होगा वहीं दिया जाएगा। साथ ही स्टेकिंग करने का पैसा अलग से देने का कहा गया था।
मजदूरो ने बताया कि बिजुरी में 3706 गड्ढे किए थे जो नाकेदार श्री तिवारी द्वारा कराया गया एवं लेंटाना के लिए 12 मजदूर 2 दिन रोजी में लगे थे, लेकिन हमें उसका पैसा आज तक नहीं दिया गया। लेकिन गड्ढे की खुदाई में लगे 12 मजदूरों को 3706 गड्ढों का भुगतान नहीं किया गया।
इनका कहना है
मजदूरों के कुछ दस्तावेजों के कारण उनका भुगतान रूका हुआ था, वनविभाग मजदूरों के कांटा नम्बर मांग रहे थे, लेकिन हर मजदूरों के पास कांटा नम्बर नहीं था। इनके भुगतान में कुछ विलम्ब तो जरूर हुआ है। लेकिन शाम तक उनको भुगतान करवा दिया गया है।
अनुग्रह पी, कलेक्टर अनूपपुर।