
अशोकनगर/कदवाया। नियमों को दरकिनार कर गल्ला खरीद रहे एक व्यापारी पर मंडी प्रशासन और खाद्य विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की है। कदवाया गांव में की गई इस कार्रवाई से गल्ला व्यापारियों में हड़कंप मच गया और आसपास के गांवों के भी गल्ला व्यापारियों ने भी अपनी दुकानें बंद कर दीं।
इस दौरान बस स्टैंड पर गल्ला खरीदने वाले एक व्यापारी के पास से लगभग 70 क्विंटल सोयाबीन और चना जब्त कर दुकान को शील्ड कर दिया है।
जानकारी के अनुसार क्षेत्र के किसी व्यक्ति द्वारा कलेक्टर डा. मंजू शर्मा से अवैध रूप से की जा रही गल्ला खरीदी की शिकायत की थी। इस पर कलेक्टर ने कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी मनोरमा कौशिक, ईसागढ़ मंडी सचिव एसके गुप्ता, महेन्द्र कलेशिया और विपिन शर्मा कदवाया गांव पहुंचे और कदवाया बस स्टैंड पर गल्ला खरीद रहे पवन सिंघई के फड़ की जांच की।
जांच के दौरान फड़ पर 132 कट्टों में रखा सोयाबीन और चना मिला। इस खरीदी का फड़ संचालक के पास कोई रिकार्ड नहीं मिला। साथ ही वह कोई सही जानकारी भी नहीं दे सका। इस पर सभी कट्टों को जब्त कर दुकान को शील्ड कर दिया।
छोटे किसानों को ठग रहे हैं गल्ला व्यापारी...
कदवाया गांव में फड़ संचालक द्वारा अवैध रूप से खरीदी जा रही जिन्स का यह अकेला मामला नहीं है। ब्लाक मुख्यालय के अलावा नईसराय, कदवाया, महिदपुर गांव में भी बड़ी संख्या में फड़ संचालित कर किसानों को चूना लगाया जाता है।
बताते हैं कि फड़ संचालक छोटे-छोटे किसानों से कम दाम पर जिंस खरीदते हैं। साथ ही तौल में भी गड़बड़ करते हैं। इस पर कई बार किसान और व्यापारियों के बीच विवाद भी हो जाता है। लेकिन अब तक कभी भी जिम्मेदारों ने इन फड़ संचालकों पर कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं दिखाई।
कदवाया गांव में अवैध रूप से गल्ला व्यापारी द्वारा अनाज खरीदा जा रहा था। इसकी शिकायत कलेक्टर से की गई थी। गुरूवार को मंडी प्रशासन और खाद्य विभाग ने संयुक्त कार्रवाई कर गल्ला व्यापारी पवन सिंघई के पास से 132 कट्टे सोयाबीन और चने के भरे जब्त किए। अन्य व्यापारियों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
मनोरमा कौशिक कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी ईसागढ