
अशोकनगर में बाइक हादसे में पूरा परिवार खत्म : फोटो धनकुंवर सोर्स : patrika- credit- ai grok
Ashoknagar : अशोकनगर जिले में काल सड़कों पर दौड़ा। रक्षाबंधन का त्योहार मनाकर लौट रहे परिवारों पर बुरा समय इस कदर झपटा कि किसी का पूरा वंश ही पलभर खत्म हो गया, तो किसी का सुहाग उजड़ गया। दो अलग- अलग हादसों में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं। सबसे बुरी घटना पनवाड़ी के पास हुई, जहां दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत में एक ही झटके में एक हंसता-खेलता परिवार हमेशा के लिए मिट गया। दोनों ही मामलों में मंगलवार को पूछताछ के साथ ही जांच तेज होगी। मातम के कारण पुलिस परिजनों से पूछताछ नहीं कर सकी थी।
करैया गांव निवासी 35 वर्षीय शिवराज अहिरवार पुत्र बिरखा अहिरवार अपनी 30 वर्षीय पत्नी धनकुंवरबाई और 7 साल के इकलौते बेटे कल्ला के साथ रक्षाबंधन मनाकर बाइक से वापस अशोकनगर लौट रहे थे। उनकी बाइक और सामने से आ रही एक बाइक में टक्कर हो गई। इससे शिवराज, उसकी पत्नी और 7 साल के मासूम बेटे की मौके पर ही मौत हो गई।
शिवराज अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसका भी एक ही बेटा था। हादसे ने पलक झपकते ही पूरा वंश ही खत्म कर दिया। अशोकनगर में शिवराज की मोबाइल की दुकान थी।
सामने से आ रही दूसरी बाइक खिरियादांगी निवासी 30 वर्षीय संतोष अहिरवार पुत्र हरिराम चला रहा था। पीछे उसके 52 वर्षीय ससुर बलवीर अहिरवार और 50 वर्षीय सास गुड्डीबाई निवासी खैजराखुर्द बैठे थे। ससुर-दामाद रविवार को गुड्डीबाई को उसके मायके गुपलिया से लेने गए थे। लौटते समय पनवाड़ी के पास हादसे में ससुर बलवीर की भी मौके पर ही सांस थम गई। सास गुड्डीबाई गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि दामाद संतोष की हालत नाजुक होने के कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रैफर कर दिया गया है।
इससे पहले सेमरखेड़ी गांव निवासी 32 वर्षीय सुनील रजक पुत्र श्रीमानसिंह अपनी पत्नी को लेने उसके मायके कोटिया गांव जा रहा था। अशोकनगर न्यायालय के पास एक तेज स्पीड अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। सुनील ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
हिट एंड रन के इस मामले में सुनील रजक के परिजनों व रिश्तेदारों ने जिला अस्पताल के बाहर चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। घेरा बनाकर सभी रास्तों को रोककर बैठ गए। ढाई घंटे तक चक्काजाम कर बैठे रहे, तो रास्तों पर लंबा जाम लग गया और लोग निकलने परेशान होते रहे। नायब तहसीलदार, एसडीओपी, कोतवाली प्रभारी और देहात थाना पुलिस पहुंची और समझाइश व कार्रवाई के आश्वासन के बाद वह हटे।
जाम से दो एंबुलेंस फंस गईं। मरीज को लेकर आई एक ऑटो भी फंस गई, इससे परिजन स्ट्रेचर लेकर आए और मरीज को उस पर बिठाकर गड्ढों भरे रास्ते से लेकर अंदर पहुंचे। चक्काजाम के दौरान सुनील का भाई भी बेहोश हो गया, लेकिन उसे भी निकलने जगह न होने से एक व्यक्ति कंधे पर लादकर पैदल अस्पताल पहुंचा।
पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी में उस समय तीन कारें निकली हैं, जिनके नंबर स्पष्ट नहीं दिख रहे हैं। मंगलवार को से वाहनों की तलाश के काम में तेजी आएगी।
Updated on:
01 Sept 2026 09:54 am
Published on:
01 Sept 2026 09:51 am
