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‘अशोकनगर से उठवा लूंगा… ‘, Whatsapp Call पर डॉक्टर ने सिविल सर्जन को दी धमकी

Doctor-Civil Surgeon Dispute: अशोकनगर जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी विवाद का कारण बनते जा रही है। सिविल सर्जन ने डॉक्टर पर व्हाट्सएप कॉल कर धमकी देने का आरोप लगाया है।
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doctor-civil surgeon dispute whatsapp call

Doctor-Civil Surgeon Dispute: अशोकनगर जिला अस्पताल में डॉक्टर और सर्जन के बीच विवाद (फोटो सोर्स- Patrika)

Ashoknagar Doctor-Civil Surgeon Dispute: मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले से डॉक्टर और सिविल सर्जन के बीच विवाद का मामला सामने आया है। जिला अस्पताल पहले से ही डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहा है जिसके बीच अब इस नए मामले से स्वास्थय सेवाओं पर सवाल उठने लगे है। अस्पताल में व्यवस्था सुधारने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के 10 डॉक्टरों की रोटेशन के आधार पर जिला अस्पताल में ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन मरीजों का इलाज करने के बजाय अब डॉक्टर ड्यूटी को लेकर विवाद अब धमकी के आरोपों तक पहुंच गया है।

डॉक्टर ने सिविल सर्जन को दी धमकी

हालात यह है कि रविवार को एक डॉक्टर के ड्यूटी से नदारद रहने पर खुद सिविल सर्जन को इमरजेंसी संभालनी पड़ी। ब्लॉक स्तर के डॉक्टरों को जिला अस्पताल बुलाने का यह फैसला कुछ डॉक्टरों को इस कदर नागवार गुजरा कि विवाद अपशब्दों और अपहरण की धमकियों के आरोप भी सामने आए है। एक डॉक्टर ने सिविल सर्जन डॉ. बीएल टैगोर को व्हाट्सएप कॉल कर न सिर्फ गालियां दीं, बल्कि उन्हें अशोकनगर से उठवा लेने तक की धमकी दे डाली। इस घटना से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

व्हाट्सएप कॉल पर दी धमकी- सर्जन का आरोप

जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. बीएल टैगोर शनिवार रात करीब 11:30 बजे मुझे व्हाट्सएप पर कॉल आया था। सामने वाले ने कहा कि तुम यहां-वहां के डॉक्टरों की ड्यूटी जिला अस्पताल में क्यों लगा रहे हो? उसने मुझे करीब तीन कॉल किए, अपशब्द कहे और धमकी देते हुए कहा कि अशोकनगर से उठवा लेगा। सर्जन ने आरोप लगाया कि धमकियों के बाद मैंने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया है और मामले की मौखिक शिकायत सीएमएचओ से कर दी है।

यह भी खास

  • जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों में दो मेडिसिन, दो सर्जरी, दो गायनिक, तीन शिशु रोग विशेषज्ञ, एक हड्डी रोग विशेषज्ञ, एक नेत्र रोग और एक ईएनटी डॉक्टर है।
  • मेडिकल ऑफिसरों पर अस्पताल में इमरजेंसी में मरीज देखने की जिम्मेदारी होती है, लेकिन 23 स्वीकृत पदों पर मात्र दो मेडिकल ऑफिसर ही जिला अस्पताल में बचे हैं।
  • अस्पताल में इस समय सभी वार्ड भर्ती मरीजों से फुल हैं और वार्ड क्षमता से ज्यादा मरीज भर्ती हैं, ऐसे में डॉक्टरों की कमी अस्पताल में बड़ी परेशानी बन रही है।
  • जितने डॉक्टर यहां से गए या ट्रांसफर हुए, उनके बदले में दूसरे डॉक्टरों की व्यवस्था न होने से लोगों में जिम्मेदार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी है।

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