अशोकनगर

देवी मां की ये पालकी खुद चुनती है अपना रास्ता,’चमत्कार’ पर यकीन नहीं तो देखें वीडियो

Amazing Video: अपना रास्ता खुद तय करता है माता का डोला, कभी-कभी अचानक घूमने लगता है जिससे कंधे पर डोला रखने वाले लोग भी चकरघिन्नी हो जाते हैं..।

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Amazing Video: कभी कभी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जिन पर विश्वास करना मुश्किल होता है। ऐसा ही एक वाक्या मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले से सामने आया है। जहां डोले में विराजमान मां बीजासन ने पुलिसकर्मियों को जमकर चकरघिन्नी कर दिया। लोग बताते हैं माता के डोले की खासियत ये है कि ये खुद ही अपना रास्ता तय करता है और कंधों पर डोला उठाने वाले भी उस रास्ते को नहीं बदल सकते। कई बार डोला अपने आप घूमने भी लगता है।

देखें वीडियो-

मां के डोला ने दिखाया रौद्र रूप

अशोकनगर के पिपरई में हर साल की तरह इस साल भी दशहरे पर डोले में विराजमान मां बीजासन मंदिर से बाहर आईं तो आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कस्बे सहित दूर-दराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान माता के डोला ने अपना रौद्र रूप भी दिखाया और पुलिस को चकरघिन्नी करते हुए थाने में ही कई चक्कर घुमाया। मूल प्रतिमा के साथ माता का डोला शनिवार को सुबह 10 बजे मंदिर से निकला और अचानक थाने के सामने आकर रुक गया। थाना प्रभारी हुकमसिंह मीणा व पुलिस जवानों ने ससम्मान माता का डोला अपने कंधों पर उठाया तो डोला अपने आप घूमने लगा जिसके कारण पुलिसकर्मियों को भी गोल गोल घूमना पड़ा। इसके बाद डोला कस्बे की कई गलियों से गुजरा जहां लोगों ने माता की पूजा अर्चना की।


खुद अपना रास्ता तय करता है डोला

मां बीजासन की मूल प्रतिमा हमेशा इसी डोला में विराजमान रहती है और हर साल दशहरे पर मूल प्रतिमा के साथ ही कस्बे में डोला निकलता है। खास बात यह है कि यह डोला खुद ही तय करता है कि किस रास्ते या किसके घर जाना है, डोला को कंधों पर उठाने वाले लोग चाहकर भी रास्ता नहीं बदल सकते। कई बार अचानक डोला घूमने लगता है तो कंधों पर उठाने वाले लोग चकरघिन्नी होकर दौड़ लगाने लगते हैं। डोला हिंदू समाज के साथ मुस्लिम समाज के घरों में भी पहुंचता है, जहां मुस्लिम समाज के लोग भी पूजा कर मां को भेंट अर्पित करते हैं।

Updated on:
13 Oct 2024 04:12 pm
Published on:
12 Oct 2024 07:43 pm
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