Anganwadi in front of crematorium: अशोकनगर के बड़ेराचक गांव में श्मशान घाट के सामने आंगनबाड़ी भवन बन रहा है। ग्रामीणों ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर आपत्ति जताते हुए निर्माण रुकवाने की मांग की।
Anganwadi in front of crematorium: कल्पना कीजिए कि आंगनबाड़ी में बच्चे खेल रहे हों, और सामने से शवयात्रा गुजरे, कुछ ही दूरी पर शव जलाए जा रहे हों, तो बच्चों के मनो-मस्तिष्क पर क्या असर पड़ेगा? जी हां, अशोकनगर जिले में चंदेरी के बड़ेराचक गांव में एक श्मशान के ठीक सामने नौनिहालों के लिए आंगनबाड़ी भवन बनाया जा रहा है। गांव के कुछ जागरूक नागरिकों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय आकर इस काम को रुकवाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से कहा कि आंगनबाड़ी भवन का निर्माण श्मशान घाट से सटकर किया जा रहा है, जहां बच्चे जलती चिताओं को देखकर डरेंगे और इससे उन पर गलत मानसिक प्रभाव पड़ेगा। श्मशान घाट में अंतिम संस्कार होते हैं, जिन्हें देखकर छोटे-छोटे बच्चे डरेंगे तो वहीं पास में राजघाट नहर होने से बच्चों के नहर में भी गिरने का डर बना रहेगा। जबकि बड़ेराचक में काफी शासकीय भूमि है और इसलिए गांव में कहीं अन्य जगह पर आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कराया जाए।
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ग्रामीण प्रकाश लोधी, सत्येंद्र, जितेंद्र, सिरनाम, पप्पू, राजेंद्र व बलवीर आदि ने शिकायत कर जगह चयनित करने वालों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पटवारी, सचिव, उपयंत्री व सरपंच ने गलत जगह सर्वे कर चिन्हित की है। जबकि वे कई बार अधिकारियों से निर्माण की जगह बदलने की मांग कर चुके हैं। महिला बाल विकास विभाग की अधिकारी ने भी इस जगह पर निर्माण न होने की बात कही थी, लेकिन इसके बावजूद भी जिम्मेदार उसी जगह पर बनाने के लिए अड़े हुए हैं।