
अशोकनगर। जिले में आएं दिन वारदातों को दौर बढ़ता जा रहा है। इन्हीं वारदातों के बीच हाल ही में एक और घटना सामने आई है। यह घटना चोरी की तो नहीं बल्कि किसी के साथ हुए विश्चास घात की है। हम सभी अपना पैसा बैंक में रखते है। यह सोच कर कि हमारा पैसा बैंक में सुरक्षित रहेगा। पर, आजकल बैंकों से पैसा गायब होने लगा है। दरअसल, यूनियन बैंक आॅफ इंडिया में एक खाताधारक के अकाउंट से 33500 रूपये गायब हो गए।
व्यक्ति ने इस बारे में जानकारी हासिल की तो उसे समझ आया कि उसकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने एक बैंक कर्मचारी पर भरोसा किया था। जानकारी के अनुसार करीब एक साल पहले सेवानिवृत्त एफसीआई कर्मचारी ने बैंक में 33500 रुपए जमा कराए थे। जिसे कर्मचारी ने जमा पर्ची पर हस्ताक्षर करके लौटा दिया था। यह देखकर खाताधारक निश्चित हो गया कि उसका पैसा सुरक्षित जमा हो गया। पर, जमा तारीख से ठीक एक साल पहले जब उसने मिलान किया। तो पता चला कि पैसा तो खाते में दर्ज ही नहीं है।
जिले के अशोकनगर माता मंदिर रोड निवासी रमेशचंद्र शर्मा ने बताया कि उनका खाता अशोकनगर ब्रांच की यूनियन बैंक में उनका खाता है। उनका नम्बर 450202010003662 है। जिसमें एक साल पहले उन्होंने 2017 में 33 हजार 500 रुपए जमा किए थे। जिसकी हस्ताक्षर वाली रसीद उनके पास है। उन्होंने बताया कि उन्हें कही जाने में देर हो रही थी। इस वजह से उन्होंने पासबुम में एंट्री नहीं करवाई। अभी कुछ दिन पहले जब उन्होंने बैंक पासबुक में एंट्री करवाने के बाद रसीद में मिलान किया। तो 33500 रूपये की एंट्री उसमें नहीं थी। बुजुर्ग ने इसकी शिकायत कलेक्टर से की।
मामले की जांच करते हुए बैंग प्रबंधक कल्याण सिंह जाट ने बताया कि पैसे जमा करते वक्त् जो मोहर रसीद पर लगाई जाती है। वह मोहर इनकी रसीद पर नहीं है। अर्थात् इनके पैसे जमा नहीं है।