‘मुझे लोकार्पण या शिलान्यास में रुचि नहीं, मैं चाहता हूं कि योजना का लाभ जनता को मिले

अशोकनगर. ट्रामा सेंटर 2008-09 में स्वीकृत करवाई था। मप्र का कोई जनसेवक 10 साल में भी इसका क्रियान्वयन नहीं करवाया पाया। समय सीमा में कोई योजना क्रियान्वित नहीं हो पा रही है।

3 min read
Jul 22, 2017
Ashoknagar, Trauma Center, Lok?p?n, MP Scindia,
अशोकनगर. ट्रामा सेंटर 2008-09 में स्वीकृत करवाई था। मप्र का कोई जनसेवक 10 साल में भी इसका क्रियान्वयन नहीं करवाया पाया। समय सीमा में कोई योजना क्रियान्वित नहीं हो पा रही है। इतना भ्रष्टाचार होता है कि जो एक रुपए का काम है, वह साठ पैसे का भी नहीं होता।

यह बात सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार रात जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर के उद्घाटन के मौके पर कही। उन्होंने फीता काटकर ट्रामा सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. आरपी सरल स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपस्थित रहे। जिला अस्पताल के डाक्टर और विभाग के अन्य कर्मचारी भी पहुंचे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद ने शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आम आदमी नामांतरण करवाने जाता है, तो राजस्व विभाग में कोई काम भ्रष्टाचार के बिना नहीं होता। सबसे बुरी हालत स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग की है।

ट्रामा सेंटर के लिए दस साल में न तो डॉक्टर और न ही सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं हैं। पैसे की कमी नहीं है केवल क्रियान्वयन में देरी है, हर जगह मलाई लगाने में लगे रहते हैं। मप्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी तो एक रुपए का काम एक रुपए पांच पैसे का काम दिखेगा। दस महीने की समय सीमा होगी तो 9 महीने में काम होगा। मुझे लोकार्पण या शिलान्यास की रुचि नहीं है। मुझे रुचि है जो योजना मैं लेकर आया हूं उसका लाभ जनता को मिले। मंच से उन्होंने जिले में अधूरे पड़े अन्य कार्य भी गिनवाए।


मुख्यमंत्री के न आने पर फिर उठाया सवाल: उन्होंने कहा कि मुझे पता चला कि 13 साल बाद अशोकनगर में कोई मुख्यमंत्री आने वाले है। मैं आदेश देने वाला था हर कांग्रेसी को कि फूल माला लेकर स्वागत करना है। मैंने कहा था कि मैं भी आऊंगा स्वागत करना, लेकिन अंत में मुख्यमंत्री नहीं आए। गलती यह हो गई कि कलेक्ट्रेट भवन ईसागढ़ रोड पर बना है। 10 किमी दूर किसी ग्रामीण क्षेत्र में होता तो कोई कठिनाई नहीं होती। न जाने क्यों कार्यक्रम बदल गया। उन्होंने कहा कि मेरे आने पर भाजपा में हड़कंप क्यों होता है।


विधायक गोपीलाल जाटव भी क्या करें, विधानसभा में रात में आर्डर हुआ सुबह पंडित जी को पकड़ा और उद्घाटन कर दिया। उन्हें आज के कार्यक्रम के लिए भी बुलाया था। जन प्रतिनिधि का मान सम्मान रखा जाता है, राजनीति में लड़ाई जरूरी है वो भी सिर्फ चुनाव के समय होना चाहिए। सभी दिल बड़ा कर विकास कार्य करें तभी देश का विकास हो सकेगा।


भाजपा विधायक ने एक दिन पहले किया था लोकार्पण

सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ट्रामा सेंटर का उद्घाटन न कर दें, इसलिए पहले तो भाजपा ने आनन-फानन में शुक्रवार सुबह विधायक गोपीलाल जाटव से इसका लोकार्पण करवा दिया था। उनके नाम की पट्टिका भी यहां लगवा दी गई है। इसके बाद ठेकेदार ने ट्रामा सेंटर में ताले लटका दिए।


पहले भी हो चुका का ऐसा

भाजपा द्वारा लंबे समय सांसद सिंधिया पर लोकार्पण और शिलान्यास करने में प्रोटोकॉल और नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। अब यह अलग तरह की राजनीति शुरू हुई है, इसमें प्रशासन केवल मूक दर्शक है। स्थानीय स्तर पर पार्टियां लोकार्पण और शिलान्यास का समय तय कर संबंधित विभाग और प्रशासनिक नुमाइंदों की अनुपस्थिति में कार्यक्रम कर रही हैं। करीब डेढ़-दो साल पहले सांसद सिंधिया द्वारा आधी रात के वक्त अधूरे एएनएम सेंटर का लोकार्पण कर दिया गया था। एएनएम सेंटर अभी स्वास्थ्य विभाग के हैंडओवर नहीं हुआ है और इसका काम अब भी जारी है। वहीं हाल ही कंपोजिट भवन को लोकार्पण को लेकर भी इसी तरह की राजनीति हुई थी। सीएम से उद्घाटन करवाने के इंतजार में भवन का लोकार्पण अटका हुआ था, इसी बीच लोगों ने इसका उद्घाटन कर दिया था, जिसमें कुछ कांग्रेसी नेता भी शामिल थे। हालांकि यह कांग्रेस पार्टी का अधिकृत कार्यक्रम नहीं था। इस मामले में चार लोगों पर प्रकरण भी दर्ज किया गया था।


ट्रामा सेंटर के बारे में: जुलाई 2013 में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तीन मंजिला ट्रामा सेंटर का शिलान्यास किया गया था। प्रारंभिक लागत 4 करोड़ 62 लाख रुपए थी और काम 30 सितंबर 2015 में पूरा किया जाना था। राशि के अभाव व अन्य कारणों से काम में देरी हुई और लिफ्ट व रेंप सहित कुछ काम बढ़ाए गए। निर्माण कार्यपूरा होने में चार साल का लंबा वक्त लगा।

Published on:
22 Jul 2017 11:18 pm
Also Read
View All