
अशोकनगर/ईसागढ़. गहौरा गांव के स्कूलों की शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग के अलावा प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आ गए हैं। बुधवार को कलेक्टर डॉ. मंजू शर्मा के अलावा एसडीएम नीलेश शर्मा, जिला शिक्षाधिकारी आदित्य नारायण मिश्रा, तहसीलदार इसरार खान गहौरा के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान गहौरा गांव के मिडिल स्कूल में पदस्थ दो शिक्षिकाओं को जहां निलंबित किया गया। वहीं सतत मॉनीटरिंग नहीं किए जाने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जिला समनवयक, विकासखंड श्रोत समन्वयक और शाला विकास समिति के अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश जिला शिक्षाधिकारी को दिए गए। खास बात यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों को देखकर स्कूल के बच्चे सहम गए तो कलेक्टर और एसडीएम ने उन्हें पहले टॉफी बांटी।
इसके बाद अन्य स्कूल और पढ़ाई से संबंधित सवाल किए। गहौरा गांव के मिडिल स्कूल के बच्चों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर पहुंचकर स्कूल बंद की शिकायत की थी। इस पर कलेक्टर डॉ. मंजू शर्मा के अलावा अन्य अधिकारी बुधवार को गहौरा गांव पहुंचे और स्कूलों का निरीक्षण किया। बालक मिडिल स्कूल के बच्चों ने बताया कि पिछले महीने 28 से 31 जुलाई तक शिक्षकों के नही आने से स्कूल बंद रहा। इस पर कलेक्टर डा. मंजू शर्मा ने स्कूल से लगातार अनुपस्थित रहने वाली दो शिक्षिका ज्योति और प्रियंका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही सतत निरीक्षण नहीं करने को लेकर डीपीसी यूएन मिश्रा, बीईओ एसपी नाना, बीआरसीसी आरसी उज्जैनी और शाला विकास समिति के अध्यक्ष सुरेन्द्र लोधी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
मैडम नहीं मिलता मध्याह्न भोजन
क्षेत्र के भ्रमण पर निकली कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के अलावा सहायिका से भी जानकारी ली। कार्यकर्ता अर्चना लोधी और सहायिका ममता जाटव ने बताया कि आंगनबाड़ी में 51 बच्चे दर्ज हैं। लेकिन आंगनबाड़ी में मध्यान्ह भोजन का वितरण नहीं होता। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार को निर्देश देकर मध्यान्ह भोजन वितरण की व्यवस्था कराए जाने के निर्देश दिए। तहसीलदार को दिए छात्रावास की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश कलेक्टर ने ईसागढ़ में संचालित छात्रावासों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान 100 सीटों वाले उत्कृष्ट छात्रावास को देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। साथ ही व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के लिए तहसीलदार को निर्देशित भी किया।
सबसे पहले कलेक्टर राष्टीय माध्यमिक शिक्षा अभियान द्वारा संचालित 100 सीटर छात्रावास पहुंची और छात्रावास अधीक्षिका अभिलाषा श्रीवास्तव से छात्रावास की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने सीनियर बालिका उत्कृष्ट छात्रावास का निरीक्षण किया। इस छात्रावास में जगह-जगह गंदगी बिखरी पड़ी थी। बाथरूम में भी सफाई की व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा छात्राओं के लिए खाना भी चूल्हे पर बनाया जाता है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए। व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा।
बच्चे सहमे तो टॉफी बांटकर पूछे सवाल
मिडिल स्कूल के निरीक्षण के बाद कलेक्टर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रायमरी स्कूल पहुंच गईं। इतनी बड़ी संख्या में वाहन और अधिकारियों को देखकर बच्चे सहम गए और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पूछे गए सवालों पर चुप्पी साधे रहे। इसके बाद कलेक्टर और एसडीएम द्वारा बच्चों को पहले टाफि यां बांटी और फिर उनसे चर्चा की। टॉफ ी लेकर बच्चे भी अधिकारियों से जल्द घुलमिल गए और सभी सवालों के जवाब खुलकर दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रायमरी स्कूल धनवारा, प्रायमरी स्कूल अनघौरा दीवान गांव भी पहुंची। स्कूलों में उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति, गणवेश, मध्याह्न भोजन और पुस्तक वितरण की जानकारी ली।