
अशोकनगर । कॉलेज के दो कक्षों पर जहां पहले से महिला एवं बाल विकास विभाग का कब्जा है, वहीं आधी से ज्यादा बिल्डिंग का निर्वाचन के लिए अधिग्रहण हो गया है। इससे कक्षों से टेबिल-कुर्सी बाहर निकाल दिए गए।
नतीजतन जगह न बचने से 300 छात्रों को कॉलेज के ऑडीटोरियम हॉल में गंदगी के बीच बैठकर परीक्षा देना पड़ी। इससे छात्र परेशान होते नजर आए। छात्रों का कहना है कि कॉलेज में जगह न बचने से अब उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
ऑडीटोरियम हॉल में कुर्सी टेबिलों को लगाया....
मामला शहर के नेहरू डिग्री कॉलेज का है। जहां पर कक्षों में ईवीएम रखकर गार्ड तैनात कर दिए गए हैं और गेट पर जांच के लिए मशीन भी लगा दी है। गुरुवार को सुबह साढ़े दस बजे से बीए के करीब 300 छात्रों के सीसीए थे।
कॉलेज बिल्डिंग में जगह न मिलने से आनन-फानन में ऑडीटोरियम हॉल में कुर्सी टेबिलों को लगाया गया। जल्दबाजी में सफाई न हो पाने से छात्रों को हॉल में पक्षियों के पंख, अंडों के टुकड़ों सहित टेबिल-कुर्सियों पर जमा गंदगी के बीच ही बैठकर परीक्षा देना पड़ी।
इससे छात्र हॉल और कुर्सी-टेबिलों पर गंदगी से परेशान होते दिखे। वहीं कॉलेज पहुंचे नपा के अमले ने भी सिर्फ निर्वाचन के लिए अधिग्रहीत क्षेत्र की ही सफाई की, इससे टेस्ट के बाद दोपहर के समय कॉलेज के कर्मचारी और छात्र खुद ही टेबिलों पर जमा गंदगी को खरोंचकर साफ करते दिखे। सफाई की अनदेखी के चलते छात्र-छात्राओं में नाराजगी दिखी।
शेष बचे कक्षों में आज से निर्वाचन का प्रशिक्षण...
कॉलेज में सात-आठ कक्ष ही बचे हैं, लेकिन यह शेष बचे कक्ष भी आज से निर्वाचन के लिए अधिग्रहीत हो जाएंगे और 26 से 30 अक्टूबर तक दिनभर इन कक्षों में विधानसभा चुनाव की ड्यूटी में लगे अधिकारी-कर्मचारियों व मतदान दलों का प्रशिक्षण होगा।
इससे कॉलेज में 30 अक्टूबर तक छात्रों के लिए बिल्कुल भी जगह नहीं बचेगी। छात्रों का कहना है कि चुनाव के दौरान प्राचार्य ऑफिस का भी अधिग्रहण हो जाता है और प्राचार्य ऑफिस को प्रेक्षक के लिए सौंप दिया जाता है।
इससे हर चुनाव के समय पूरी कॉलेज बिल्डिंग निर्वाचन के कब्जे में पहुंच जाती है और छात्रों का कहना है कि हर बार चुनाव उनकी पढ़ाई में बाधा बनते हैं।
कहां होंगे शेष विषयों के सीसीए...
खास बात यह है कि कॉलेज में अभी भी कई विषयों के सीसीए शेष रह गए हैं। सीसीए की विषयवार तारीख प्रोफेसरों द्वारा निर्धारित की जाती है और पूर्व से ही इनकी तारीखें भी निर्धारित हैं।
30 अक्टूबर तक कॉलेज के शेष कक्षों में प्रशिक्षण चलने की वजह से अब छात्रों और कॉलेज प्रबंधन में असमंजस बना हुआ है कि अब जगह की कमी के चलते शेष सीसीए कब कराए जाएंगे।
छात्र कई बार कर चुके मांग...
अशोकनगर जिला बनने के बाद कॉलेज के दो कक्षों में महिला एवं बाल विकास कार्यालय शुरू किया गया था। लेकिन अब यह कार्यालय कलेक्ट्रेट भवन में संचालित होने लगा तो विभाग ने परियोजना कार्यालय इस बिल्डिंग में संचालित कर दिया।
इससे परियोजना कार्यालय एक कक्ष में स्टोर और दूसरे में ऑफिस संचालित कर रहा है। इसे हटवाने के लिए छात्र कई बार अधिकारियों को पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कॉलेज के कक्षों में निर्वाचन की ईवीएम रखी गई हैं और वहां गार्ड भी तैनात हैं। जगह की कमी से ऑडीटोरियम में सीसीए कराए।
26 से 30 अक्टूबर तक कॉलेज के शेष कक्षों में निर्वाचन का प्रशिक्षण होना है। यह पता नहीं है कि कितने सीसीए शेष रह गए हैं, लेकिन यदि जगह की कमी रही तो फिर 30 अक्टूबर के बाद सीसीए कराएंगे।
डॉ.डीआर राहुल, प्राचार्य नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय अशोकनगर