अशोकनगर

नपा CMO के अपमान पर भड़का अमला, पार्षद पर FIR, वरना… हड़ताल की चेतावनी

MP News: शहर की सरकार यानी नगरपालिका में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सियासी पारा सातवें आसमान पर है और अब यह लड़ाई फाइलों से निकलकर पुलिस की चौखट तक पहुंच गई है। सीएमओ के कथित अपमान को लेकर नगरपालिका के कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। शुक्रवार को कर्मचारियों ने एसपी […]

2 min read
Jan 24, 2026
MP News (photo:patrika)

MP News: शहर की सरकार यानी नगरपालिका में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सियासी पारा सातवें आसमान पर है और अब यह लड़ाई फाइलों से निकलकर पुलिस की चौखट तक पहुंच गई है। सीएमओ के कथित अपमान को लेकर नगरपालिका के कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। शुक्रवार को कर्मचारियों ने एसपी ऑफिस पहुंचकर कांग्रेस पार्षद रितेश जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

ये भी पढ़ें

वकील साहब! कानून जेब में रखो, कुर्सी का घमंड पड़ा भारी, तहसीलदार कोर्ट में तलब

कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी

​कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर 7 दिनों के भीतर पार्षद पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे काम बंद हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। वहीं पार्षद ने इसे अपनी आवाज दबाने की साजिश और कर्मचारियों को ढाल बनाकर खुद को बचाने का सीएमओ का पैंतरा बताया है।

​क्या है कर्मचारियों का आरोप?

अशोकनगरमें जिले भर के नगरीय निकायों के कर्मचारियों के साथ मिलकर अशोकनगर नपा अमला एसपी कार्यालय पहुंचा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि बीती 17 जनवरी को कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पार्षद रितेश जैन ने सीएमओ के प्रति न केवल अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया, बल्कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जबरन ऑफिस में घुसने की कोशिश भी की। पुलिस ने मुश्किल से उसे रोका। कर्मचारियों का कहना है कि पार्षद का व्यवहार पहले भी सफाईकर्मियों और अन्य स्टाफ के साथ अभद्र रहा है। इस बार पानी सिर से ऊपर चला गया है, इसलिए वे एफआईआर की मांग पर अड़े हैं।

​पार्षद का पलटवार: भ्रष्टाचार की पोल खोली तो रची गई साजिश

इधर, कांग्रेस पार्षद रितेश जैन ने भी एसपी को ज्ञापन सौंपकर अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि 17 जनवरी को जिला कांग्रेस कमेटी ने नपा का घेराव भ्रष्टाचार और सीएमओ की पात्रता के मुद्दे पर किया था। ​पार्षद ने आरोप लगाया कि मैंने प्रभारी सीएमओ विनोद उन्नीतान के कार्यकाल में हुई अनियमितताओं की जांच और एक पूर्णकालिक पात्र सीएमओ की नियुक्ति की मांग कलेक्टर से की थी। इसी से बौखलाकर सीएमओ ने कर्मचारियों पर दबाव बनाया और मेरे खिलाफ झूठी शिकायत करवाई, ताकि मेरी आवाज दबाई जा सके।

​अब आर-पार की लड़ाई के मूड में दोनों पक्ष

एक तरफ कर्मचारी संगठन सम्मान की लड़ाई लड़ने की बात कह रहे हैं, तो दूसरी तरफ पार्षद इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग बता रहे हैं। अब मामला पुलिस के पाले में पहुंच गया है। लेकिन अगर सात दिन में समाधान नहीं निकला, तो शहर की सफाई और अन्य व्यवस्थाएं हड़ताल की भेंट चढ़ सकती हैं।

ये भी पढ़ें

डीजल से भरा टैंकर पलटा, हादसे के बाद बाल्टियां लेकर टूट पड़ा गांव VIDEO

Published on:
24 Jan 2026 11:01 am
Also Read
View All

अगली खबर