अशोकनगर

वकील साहब! कानून जेब में रखो, कुर्सी का घमंड पड़ा भारी, तहसीलदार कोर्ट में तलब

MP News: कुर्सी के गुरूर में कानून के जानकारों का अपमान करना पड़ा भारी, अब कोर्ट ने किया तलब

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Jan 24, 2026
MP News(photo:patrika)

MP news: कुर्सी के गुरूर में कानून के जानकारों का अपमान करना तत्कालीन तहसीलदार दीपक शुक्ला को महंगा पड़ गया है। 'मेरे जैसे का कोई कुछ नहीं कर सकता' और 'अपना कानून जेब में रखो' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने वाले तत्कालीन तहसीलदार के खिलाफ न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) प्रिया चौहान ने वकील की मानहानि याचिका स्वीकार करते हुए तहसीलदार को 9 मार्च 2026 को कोर्ट में तलब किया है।

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​यह है पूरा मामला

एमपी के अशोकनगर जिले की ये घटना करीब एक साल पुरानी है। 23 दिसंबर 2024 को कोतवाली पुलिस ने गोशाला क्षेत्र निवासी जगदीश लोधी को गिरफ्तार किया था। अगले दिन यानी 24 दिसंबर को जब वकील अपने मुवक्किल की जमानत के लिए तहसीलदार कोर्ट पहुंचे, तो वहां एक अलग ही ड्रामा देखने को मिला। याचिका के अनुसार, तत्कालीन तहसीलदार दीपक शुक्ला ने न सिर्फ जमानत देने से साफ इनकार कर दिया, बल्कि वकील और कानून का मजाक भी उड़ाया।

​तहसीलदार के वो बोल, जो अब बने मुसीबत

आरोप है कि तहसीलदार ने वकील से कहा- जगदीश लोधी की जमानत नहीं लूंगा। तुम्हारे जैसे वकील रोज आते हैं और कानून बताकर चले जाते हैं, कोई हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। वकील साहब! आप अपना यह कानून अपनी जेब में रखो, इसे कोर्ट में चलाना।'

​कोर्ट ने माना मानहानि का मामला

वकील ने इसे अपनी और कानूनी पेशे की मानहानि मानते हुए न्यायालय की शरण ली थी। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने पाया कि प्रथम दृष्टया यह मामला बनता है। अब 9 मार्च को तत्कालीन तहसीलदार को न्यायालय के कटघरे में खड़े होकर जवाब देना होगा।

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Updated on:
24 Jan 2026 12:00 pm
Published on:
24 Jan 2026 09:49 am
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